तेहरान/नई दिल्ली – ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक निमंत्रण भेजा हैं।
अंतिम संस्कार का यह निमंत्रण ईरानी दूतावास ने नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्रालय को यह आमंत्रण सौंपा है। हालांकि, भारत सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से पीएम मोदी के इस समारोह में शामिल होने या न होने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
खामेनेई के अंतिम संस्कार का आयोजन 5 जुलाई से 9 जुलाई तक कई चरणों में आयोजित किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम तेहरान और कोम में होंगे, और 9 जुलाई को अंतिम संस्कार उनके गृहनगर मशहद में होगा। 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों में मारे गए थे।
खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा को बनाया गया सुप्रीम लीडर
खामेनेई के मारे जाने के बाद उनके बेटे मोजतबा अल खमेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया था। दिलचस्प यह भी है कि अमेरिका और इजरायल दोनों से ही करीबी रिश्तों के मद्देनजर अयातुल्लाह अली खमेनेई को मारने पर भारत ने कोई औपचारिक आपत्ति नहीं जताई थी, हालांकि बाद में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जा कर अयातुल्लाह खमेनेई के सम्मान में श्रद्धांजली संदेश जरूर दर्ज कराया था।
अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से प्रभावित हुए दुनिया के कई देश
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबा युद्ध चला. इसकी वजह से दुनिया के कई देश प्रभावित हुए। युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया गया था. इससे पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ एलपीजी की सप्लाई भी प्रभावित हुई। इसके बाद यूएस और ईरान के प्रतिनिधि शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। हालांकि इसके बाद स्विट्जरलैंड में फिर से बातचीत की पहल हुई।









