जेसीबी, पॉकलेन से ट्रैक्टर ट्राली और डंपर हो रहे लोड
मनावर : (शाहनवाज शेख) धार जिले में मनावर विधानसभा क्षेत्र के नर्मदा तटों से बड़ी संख्या में अवैध रेत उत्खनन का काम चल रहा है। जिसमें रतवा, दग्गडपुरा, एकलबारा, सहित कई इलाके शामिल है। अवैध रेत उत्खनन के मामले में खनिज अधिकारी संदेश पिपलोदा द्वारा कई बार कार्रवाई की जा चुकी है लेकिन बजरी माफिया निडर होकर लगातार अवैध उत्खनन के काम कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं की रेत माफिया ना ही प्रशासन से डर रहे हैं और ना ही उन्हें कोई कार्रवाई का भय है, वह निडर होकर इस अवैध व्यापार को धड़ल्ले से कर रहे हैं।
जबकि मध्यप्रदेश में अवैध खनन की रोकथाम के लिए ‘खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957’ और ‘म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की रोकथाम) नियम, 2006’ लागू हैं। इनके तहत भारी जुर्माना, वाहनों की राजसाती (जब्ती) और जेल का सख्त प्रावधान है। वही अवैध उत्खनन या बिना रॉयल्टी के परिवहन पर निर्धारित रॉयल्टी का 25 से 50 गुना तक जुर्माना वसूला जाता है। अवैध खनन में लिप्त पाए जाने वाले वाहन (जैसे ट्रैक्टर, डम्पर), मशीनें और उपकरण जिला प्रशासन (कलेक्टर) द्वारा सीधे जब्त कर राजसात करती हैं और गंभीर मामलों में 5 साल तक की कैद और भारी आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान है। बावजूद इसके प्रशासन कहीं ना कहीं अवैध रेत उत्खनन के मामलों को रोकने में कमजोर साबित हो रही है।
राज्य सरकार खदानों की जियो-टैगिंग करके, सैटेलाइट और ड्रोन के जरिए अवैध खनन पर सीधी नजर रखने के काम पर जोर दे रही है। राजस्व विभाग के अधिकारियों (जैसे एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार) को भी खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के लिए सशक्त किया गया है। लेकिन अभी तक राजस्व विभाग की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई जिससे बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
चारों तरह जेसीबी, पोकलेन से हो रही खुदाई
मानव विधानसभा के ग्राम रतवा और डग्गडपुरा में नदी किनारे चारों ओर जेसीबी मशीन और पोकलेन से खुदाई करके भरपूर बजरी (रेत) निकालने और अवैध रूप से बेचने का व्यापार किया जा रहा है हमारी टीम में क्षेत्र में सर्वे किया तो पता चला दिन और रात दोनों समय खुदाई जारी है। इसे रोकने में स्थानीय राजस्व अधिकारी असक्षम है! वही जिला अधिकारी समय समय पर कार्यवाही करते रहते है।








