क्यों खनन माफियाओं को पुलिस-प्रशासन का खौफ नहीं? – मुख्य सचिव, अनुराज जैन

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भोपाल : (मप्र.) मध्‍यप्रदेश के मुख्‍य सचिव अनुराग जैन ने 27 मई को प्रदेश के सभी 55 जिलों में कलेक्‍टर एवं पुलिस अधीक्षक की वीडियों कांफ्रेंस के माध्‍यम से बैठक ली। उन्होंने बैठक में कहा कि मध्य प्रदेश में अवैध उत्खनन के मामलों में लापरवाही दिखाई दे रही है, साथ ही माफियाओं में पुलिस प्रशासन का खौफ भी खत्म होते दिख रहा है। श्री जैन ने कहा कि खनन माफिया पुलिस प्रशासन के जवानों को निशाना बना रहे हैं उन पर ट्रैक्टर चढ़ा देते हैं क्या माफियाओ में अब खौफ खत्म होता जा रहा है या फिर कहीं ना कहीं यह पुलिस प्रशासन की लापरवाही है?

खनन माफिया नर्मदा और अन्य नदियों से बजरी और टेकरियों से मुरम निकालने का काम करते हैं क्षेत्र के लोकल अधिकारियों से मिलकर इन कामों का अंजाम दिया जा रहा है जिला स्तरीय कार्रवाई होने पर कुछ दिन काम को रोक दिया जाता है लेकिन पुनः माफिया खनन के कामों को अंजाम देना शुरू कर देते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इन माफिया को खनन करने से रोके, नहीं मानने पर सख्ती के साथ प्रकरण बनाकर कार्यवाही की जाए।

हेड कॉन्स्टेबल पर रेत माफिया ने ट्रैक्टर चढ़ाया

बीते दिनों मध्यप्रदेश के बालाघाट में अवैध रेत परिवहन रोकने गए हेड कॉन्स्टेबल पर रेत माफिया ने ट्रैक्टर चढ़ा दिया। घटना मंगलवार देर शाम पलाकामथी इलाके की है। गंभीर रूप से घायल हेड कॉन्स्टेबल राजेश्वर राहंगडाले की दो पसलियां फ्रैक्चर हो गई हैं। आईजी ललित शाक्यवार के मुताबिक, अवैध रेत परिवहन की सूचना मिलने पर प्रधान आरक्षक राहंगडाले और आरक्षक सुनील विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे थे। राजेश्वर राहंगडाले ट्रैक्टर को रोककर उसका वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान माफिया ने हमला किया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हेड कांस्टेबल को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। गंभीर हालत में घायल प्रधान आरक्षक को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें गोंदिया के यूनाइटेड अस्पताल रेफर किया गया। समय पर इलाज के लिए पुलिस ने बालाघाट से गोंदिया तक विशेष कॉरिडोर बनाया। एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ रवाना हुए।

धार जिले के बड़दा, रतवा में नहीं रुक रहा अवैध खनन !

धार जिले के बड़दा और रतवा में बजरी का अवैध खनन पूर्ण रूप से नहीं रोका जा रहा है। अवैध उत्खनन की खबर मिलने पर जिलाधिकारी संदेश पिपलोदिया द्वारा समय-समय पर उचित कार्रवाई की जाती है, लेकिन कार्रवाई के चंद दिनों के बाद ही माफिया सक्रिय हो जाते हैं और नर्मदा की नदी से बजरी निकालने काम शुरू कर देते हैं। इससे यह प्रतीक होता है कि माफियाओं में वाकई पुलिस प्रशासन का खौफ खत्म होता जा रहा है! जिसको लेकर मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों के साथ बैठक में यह बात कही थी।

और पढ़ें