भारी सुरक्षा के घेरे में हो रहा `हज`- काबा समेत देशभर के पवित्र स्थलों को एयर डिफेंस तैनात

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ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में बने अनिश्चितता के माहौल में हज के अरकान पूरे हो रहे है। ऐसे में सऊदी अरब ने हाजियों के लिए मक्का और मदीना में सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं। इसे सऊदी अरब में हाल के वर्षों में सबसे बड़े हज सुरक्षा अभियानों में से एक कहा जा रहा है। काबा समेत देशभर के पवित्र स्थलों को एयर डिफेंस, विशेष सैन्य यूनिट और आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों की तैनाती के जरिए कवर किया गया है।

सऊदी रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि एयर डिफेंस फोर्स को सालाना हज के चलते हाई अलर्ट पर दिखाया गया है। मक्का, मदीना और दूसरे उन शहरों के पवित्र स्थलों को निशाना बनाने वाले किसी भी हवाई खतरे को रोकने की पूरी तैयारी की गई है, जहां हज के दौरान तीर्थयात्री अनुष्ठान के लिए जाते हैं।

सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि हज सीजन की तैयारियां व्यापक ऑपरेशनल योजना के जरिए की गई हैं। इसमें सैन्य, नागरिक और चिकित्सा कर्मियों को शामिल किया गया है। इस ऑपरेशन को उन सुरक्षा एजेंसियों और सरकारी अधिकारियों की सहायता के लिए डिजाइन किया गया है, जो हज की सुरक्षा करने और अनुष्ठानों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं।

इस वर्ष का हज 25 मई से 29 मई तक चलेगा। इसके लिए दुनियाभर से 15 लाख से ज्यादा मुसलमान सऊदी अरब पहुंचे हैं। दुनियाभर से आए हाजियों की सुरक्षा के लिए सऊदी अधिकारियों ने पवित्र स्थलों के आसपास हवाई निगरानी और रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया है। सऊदी अरब पहली बार हज का आयोजन ऐसे समय कर रहा है, जब पूरा अरब क्षेत्र युद्ध की स्थिति में है।

सऊदी अरब ने व्यापक सुरक्षा ऑपरेशन के हिस्से के रूप में विशेष सैन्य पुलिस और रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु रक्षा इकाइयां शामिल हैं, जो भीड़ प्रबंधन में सहायता करने, ग्रैंड मस्जिद के आसपास के इलाके को सुरक्षित करने और आपातकालीन स्थिति का जवाब देने के लिए हैं।

सऊदी अरब ने इस बार खासतौर से हवाई सुरक्षा का ध्यान रखा है। सऊदी ने हज की निगरानी के लिए ड्रोन, विशेष प्रतिक्रिया इकाइयों और डिजिटल समन्वय प्रणालियों का उपयोग किया है। सऊदी अरब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी हवाई हमला आगर होता है तो जमीन तक कोई नुकसान ना हो सके।

ईरान और अमेरिका के बीच फरवरी के आखिर से तनाव है। दोनों पक्षों में सीजफायर के बावजूद तनाव बना हुआ है। दरअसल ईरान ने अमेरिका के हमलों के जवाब में खाड़ी देशों में उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। सऊदी में भी अमेरिकी सेना के ठिकाने रहे हैं। ऐसे में लड़ाई छिड़ने की सूरत में सऊदी को भी ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ सकता है।

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