
अजमेर। अजमेर नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर शहर में सियासी हलचल तेज हो गई है। 80 वार्डों वाले नगर निगम में भाजपा ने सभी वार्डों में प्रत्याशी उतार दिए हैं, जबकि कांग्रेस ने 78 वार्डों में उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। वार्ड नंबर 3 और 4 में कांग्रेस का प्रत्याशी नहीं होने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
वार्ड 4 बना हॉट सीट: भाजपा ने वार्ड 4 से मोनिका जैन को मैदान में उतारा है, जबकि पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत की पत्नी हेमा गहलोत निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस ने इस वार्ड में प्रत्याशी नहीं उतारा है। इसी वजह से यहां मुकाबला खासा दिलचस्प माना जा रहा है।
भाजपा में बगावत के सुर: टिकट वितरण के बाद भाजपा में भी असंतोष सामने आया है। कुछ नेताओं ने पार्टी से नाराजगी जताते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी की है। वहीं कांग्रेस में भी कई पुराने पार्षदों के टिकट कटने से नाराजगी की खबरें सामने आई हैं।

4.33 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में कुल 4,33,638 मतदाता हैं, जिनमें 2,15,387 पुरुष, 2,18,236 महिलाएं और 15 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। इस बार महापौर पद महिला के लिए आरक्षित है, जिससे भाजपा और कांग्रेस दोनों को महिला चेहरों पर खास रणनीति बनानी पड़ रही है।
11 सितंबर को मतदान, 14 को परिणाम
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार अजमेर नगर निगम में 11 सितंबर 2026 को मतदान होगा, जबकि 14 सितंबर को मतगणना कराई जाएगी। वर्तमान में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जा चुके हैं और अब प्रचार अभियान तेज होने की उम्मीद है।

दरगाह क्षेत्र के मतदाताओं की नजर स्थानीय सुविधाओं पर
दरगाह बाजार और आसपास के व्यापारियों, स्थानीय निवासियों तथा जायरीन से जुड़े लोगों की प्रमुख मांगों में व्यवस्थित यातायात, पार्किंग, साफ-सफाई और बाजार क्षेत्र की बेहतर व्यवस्था शामिल है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों से इन मुद्दों पर ठोस कार्ययोजना बताने की मांग भी जोर पकड़ सकती है।
अब देखना होगा कि अजमेर नगर निगम चुनाव में दरगाह बाजार और पुराने शहर के स्थानीय मुद्दे किस प्रत्याशी और किस राजनीतिक दल के पक्ष में माहौल बनाते हैं।









