अमेरिका-ईरान संघर्ष फिर भड़का: ईरान ने खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया, अमेरिका ने बातचीत से किया इनकार

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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी सैन्य संघर्ष में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। कुवैत की सेना ने भी ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले की पुष्टि करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।

अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार

हालिया escalation की शुरुआत रविवार को हुई, जब अमेरिका ने दावा किया कि ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाया गया, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रॉकेट दागने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया। अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में एयर डिफेंस, रडार और समुद्री बारूदी सुरंगों से जुड़े ठिकानों पर हमले किए।

ईरानी सेना ने गुरुवार को दावा किया कि उसके मिसाइल और ड्रोन हमलों ने कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयर बेस सहित क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान के ताजा हमलों से मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को नुकसान नहीं पहुंचा।

ईरान: जवाब अब ‘असममित और बहुस्तरीय’ होगा

ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की सुरक्षा और रक्षा रणनीति को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की आगे की प्रतिक्रिया “असममित” और “बहुस्तरीय” होगी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

ईरान के पेट्रोलियम मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने भी कहा है कि अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद ईरान का तेल उद्योग अपना संचालन जारी रखने और प्रतिबंधों को दरकिनार करने में सक्षम है।

अमेरिका ने बातचीत पर लगाई शर्त

अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत तब तक संभव नहीं है, जब तक तेहरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले रोक नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ सभी विकल्प खुले हैं, जिसमें सैन्य दबाव भी शामिल है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि अमेरिका जब चाहे ईरान पर और हमले कर सकता है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं और होर्मुज में खतरे को रोकना है।

ईरान में शादी समारोह पर हमले को लेकर विवाद

अमेरिकी हमलों के दौरान दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके में एक शादी समारोह के पास हुए विस्फोट को लेकर भी विवाद गहरा गया है। ईरान ने इसे अमेरिकी हमला बताया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार घटना में अब तक पांच लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी सेना ने घटना की जांच शुरू की है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा है कि सेना मामले की जांच कर रही है।

होर्मुज बना संघर्ष का सबसे बड़ा केंद्र

अमेरिका-ईरान संघर्ष का सबसे महत्वपूर्ण मोर्चा अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन गया है। दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर असर पड़ा है। शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और ब्रेंट क्रूड करीब 7.6% बढ़कर 96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।

फिलहाल दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई जारी है और बातचीत की स्थिति भी बेहद नाजुक बनी हुई है। ईरान जवाबी हमलों की चेतावनी दे रहा है, जबकि अमेरिका ने तेहरान पर सैन्य और आर्थिक दबाव जारी रखने के संकेत दिए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बनी हुई है।

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