नवरात्रि पर नारी सम्मान और सशक्तीकरण का संकल्प लें: सावित्री ठाकुर

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धार। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं धार-महू लोकसभा क्षेत्र की सांसद सावित्री ठाकुर ने शारदीय नवरात्रि के अवसर पर नारी शक्ति के सम्मान, महिला सशक्तीकरण और बाल कल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना हमें साहस, आत्मविश्वास, करुणा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देती है। नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि नारी सम्मान और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर भी है।

सावित्री ठाकुर ने अपने आलेख में कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप जीवन में दृढ़ संकल्प, अनुशासन, साहस, सृजनशीलता, वात्सल्य और निर्भयता जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। नारी शक्ति का वास्तविक सम्मान केवल देवी की पूजा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।

महिलाओं को विकास का नेतृत्वकर्ता बनाना जरूरी

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, कृषि, उद्यमिता और राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके निर्णयों का सम्मान करना और भेदभाव से मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक महिला के शिक्षित और आत्मनिर्भर बनने से पूरे परिवार और समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। महिला सशक्तीकरण राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है।

‘नारी शक्ति मंथन’ कार्यशाला में सुशासन पर चर्चा

इसी क्रम में भाजपा मुख्यालय में आयोजित ‘नारी शक्ति मंथन’ महिला एवं बाल विकास मंत्रियों की दो दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन सावित्री ठाकुर ने सहभागिता की। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

कार्यशाला में अंत्योदय की भावना के अनुरूप समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने, सुशासन, महिला सशक्तीकरण, महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। साथ ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर सहित विभिन्न राज्यों के महिला एवं बाल विकास मंत्री उपस्थित रहे।

केंद्र सरकार की योजनाओं से महिला-बाल कल्याण को मजबूती

सावित्री ठाकुर ने महिला सशक्तीकरण के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मिशन शक्ति, मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ तथा बेहतर अवसरों से युक्त वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल विकास योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास का नेतृत्वकर्ता बनाना समय की आवश्यकता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देकर समाज को अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।

नवरात्रि पर सेवा और सम्मान का आह्वान

सावित्री ठाकुर ने नवरात्रि के अवसर पर सभी से बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देने, महिलाओं के योगदान का सम्मान करने तथा जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शक्ति का वास्तविक अर्थ अपने सामर्थ्य का उपयोग सत्य, न्याय और जनकल्याण के लिए करना है।

उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि प्रत्येक परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आए, हर महिला को आत्मसम्मान एवं आत्मनिर्भरता मिले और प्रत्येक बेटी अपने सपनों को साकार कर सके। उन्होंने देशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए नारी सम्मान, समान अवसर और सुरक्षित भविष्य वाले भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।

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