दूसरी 400 टन वजनी ब्रो स्ट्रिंग की स्थापना पूरी, अगले सप्ताह से सेगमेंट स्पान की लोड टेस्टिंग होगी शुरू
इंदौर। शहर के लवकुश चौराहे पर पिछले तीन वर्षों से निर्माणाधीन डबल डेकर फ्लाईओवर परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। हाल ही में फ्लाईओवर पर दूसरी 400 टन वजनी ब्रो स्ट्रिंग सफलतापूर्वक स्थापित कर दी गई, जिसके साथ ही प्रमुख असेंबली कार्य पूरा हो गया है। परियोजना को सितंबर तक आम यातायात के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
करीब डेढ़ महीने पहले स्थापित की गई पहली ब्रो स्ट्रिंग का लोड टेस्ट भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो ट्रैक के ऊपरी हिस्से में स्थित होने के कारण ब्रो स्ट्रिंग की परीक्षण प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई थी। दूसरी ब्रो स्ट्रिंग का अलग से परीक्षण नहीं किया जाएगा, जबकि अगले सप्ताह से सेगमेंट स्पान की लोड टेस्टिंग शुरू की जाएगी।
90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
अधिकारियों के मुताबिक, डबल डेकर फ्लाईओवर का लगभग 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सभी ब्रो स्ट्रिंग पर सेगमेंट लगाए जा चुके हैं और अधिकांश हिस्सों में स्लैब निर्माण का कार्य भी संपन्न हो चुका है। हाल ही में स्थापित ब्रो स्ट्रिंग और उसके आसपास के हिस्सों में स्लैब डालने का काम अगले सप्ताह से शुरू होगा।
आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी परीक्षित झाड़े ने बताया कि 24 मीटर चौड़े प्रत्येक स्पान में 13 सेगमेंट लगाए गए हैं। इन सेगमेंट की क्षमता जांचने के लिए अगले सप्ताह से लोड टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि ब्रो स्ट्रिंग की जांच विभिन्न चरणों में की गई, जिसमें सभी परीक्षण सफल रहे।
173 करोड़ की लागत से बन रहा है फ्लाईओवर
करीब 173 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस डबल डेकर फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1454 मीटर है और इसे छह लेन में विकसित किया जा रहा है। इसके चालू होने के बाद मरीमाता क्षेत्र से आने वाले वाहन सीधे फ्लाईओवर के जरिए उज्जैन रोड तक पहुंच सकेंगे, जिससे शहर के यातायात पर दबाव कम होगा।
सितंबर तक शुरू करने का दावा
परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने दावा किया है कि सितंबर माह तक निर्माण कार्य पूरा कर फ्लाईओवर को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि, इससे पहले भी निर्माण कार्य की समयसीमा दो बार बढ़ाई जा चुकी है। लंबे समय से निर्माण कार्य चलने के कारण स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सर्विस रोड की बदहाली से बढ़ी परेशानी
फ्लाईओवर निर्माण में देरी का असर आसपास की सर्विस रोड पर भी दिखाई दे रहा है। सड़क पर बने गड्ढों और बारिश के बाद जमा हो रहे पानी के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।








