स्मार्ट मीटर बना संग्राम! विरोध करने पर 78 पर FIR, महिलाओं के उखाड़े मीटर बने ‘सबूत

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यूपी में स्मार्ट मीटर सिर पर रखकर बारात निकाली, विरोध हुआ तेज

लखनऊ – उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध अब तेज होता जा रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है। महिला ने मीटर सर पर रखकर भारत निकाल कर प्रदर्शन किया। पश्चिमी यूपी के बाद अब जालौन में भी हालात बिगड़ते नजर आए, जहां महिलाओं ने घरों में लगे स्मार्ट मीटर उखाड़कर हाईवे पर रख दिए और जोरदार प्रदर्शन किया।

कल मेरठ, लखनऊ, बांदा, हापुड़, आगरा और प्रतापगढ़ में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ, प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर लोगों ने स्मार्ट मीटर उखाड़कर अपना आक्रोश जताया। महिलाओं ने खुलकर इस योजना का विरोध किया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। इससे पहले कानपुर, हमीरपुर समेत कई जिलों में भी इसी तरह के प्रदर्शन हो चुके हैं। हर जगह लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल अचानक बढ़ गया है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। लगातार बढ़ते विरोध के बीच अब यह मुद्दा पूरे प्रदेश में बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है। लोगों की मांग है कि जब तक मीटर की पारदर्शिता और सही रीडिंग सुनिश्चित नहीं होती, तब तक इसे हटाया जाए।

उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर सुलग रही चिंगारी अब खुली बगावत का रूप लेती जा रही है। इस घटनाक्रम ने बिजली विभाग और प्रशासन को सीधे चुनौती दे दी। प्रदर्शन इतना उग्र था कि हाईवे जाम हो गया और यातायात ठप पड़ गया। महिलाओं के इस विरोध ने साफ संकेत दे दिया है कि स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जमीनी स्तर पर गहरा असंतोष है।

अब प्रशासन का एक्शन – FIR की बड़ी चोट

विरोध के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी कार्य में बाधा डालने और सड़क जाम करने के आरोप में कुल 78 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें 18 लोग नामजद हैं। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर उनके लिए राहत नहीं, बल्कि नई परेशानी बन गया है।

मुद्दा अब सिर्फ मीटर नहीं, जनआक्रोश

प्रदेश के कई जिलों में स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार विरोध की खबरें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिलिंग में गड़बड़ी और प्रीपेड सिस्टम ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। जालौन की घटना ने यह साफ कर दिया है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विरोध और उग्र रूप ले सकता है।

उपभोक्ताओं का दावा 

प्रीपेड बैलेंस negative होते ही बिजली कट जाती है, जिससे रात में भी अंधेरा हो जाता है। विपक्ष और उपभोक्ता परिषद ने इसे असंवैधानिक बताया है, क्योंकि केंद्र ने इसे अनिवार्य नहीं किया था। लखनऊ के इंदिरा नगर में निवासियों ने पावर हाउस का घेराव कर पुरानी मीटर की बहाली की मांग की।

अधिकारियों ने क्या कहा? 

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जब तक तकनीकी समिति की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद, पहले 45 दिनों तक बैलेंस खत्म होने पर भी बिजली नहीं काटी जाएगी, ताकि लोग सिस्टम को समझ सकें। कहा कि यदि बैलेंस जीरो हो जाता है, तब भी 3 दिन तक या ₹200 तक की बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तकनीकी समिति को over-billing की जांच करने का आदेश दिया गया है।

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