
जलखा स्कूल में 37 बच्चों को खिलाई गई थी दवा, दो छात्राओं और एक छात्र को पेट दर्द, घबराहट व चक्कर की शिकायत
मनावर। एकीकृत शासकीय हाई स्कूल जलखा में मंगलवार को एल्बेंडाजोल की गोली खाने के बाद दो छात्राओं सहित तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर तीनों बच्चों को प्रभारी प्राचार्य राजकुमार सोनी ओर सरपंच विक्रम मुवेल एंबुलेंस की मदद से मनावर के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
स्कूल प्रभारी प्राचार्य रामकुमार सोनी के अनुसार कक्षा 6वीं से 10वीं तक के 37 बच्चों को अभियान के तहत एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई थी। दवा खाने के कुछ देर बाद छात्रा पार्वती (14), पायल (13) और छात्र दीपक की तबीयत बिगड़ने लगी। तीनों ने पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की।
खाली पेट दवा लेने की आशंका
सिविल अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाष बर्डे ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर खाली पेट दवा लेने से कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने की संभावना हो सकती है। हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। चिकित्सकों की टीम तीनों बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है।
दवा खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
सरपंच विक्रम मुवेल ने बताया कि बच्चों ने दवा खाने के कुछ समय बाद तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। परिजन भी दोपहर करीब 1 बजे अस्पताल पहुंचे और बच्चों के उपचार की जानकारी ली।
गौरतलब है कि सरकार द्वारा फाइलेरिया एवं कृमिनाशक दवा खिलाने का अभियान मंगलवार से शुरू किया गया है। इसी अभियान के तहत स्कूलों में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां वितरित की जा रही हैं। जलखा स्कूल में भी 37 बच्चों को दवा खिलाई गई थी, जिनमें से तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया।
सरकार की ओर से फाइलेरिया और कृमिनाशक दवा खिलाने का अभियान मंगलवार से शुरू किया गया है। इसके तहत स्कूलों में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जा रही है। मनावर के जलखा स्कूल में भी इसी अभियान के तहत बच्चों को दवा दी गई थी।








