
बिना सुरक्षाकर्मी के स्टाफ चिंतित, पुलिस थाना लगभग 2 किमी दूर
मनावर। (मप्र.) मनावर का नया सिविल अस्पताल शुरू तो हो गया है, लेकिन सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी अब चिंता का विषय बनती जा रही है। नगर से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित इस अस्पताल तक पहुंचने वाले मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात के समय पूरा रास्ता अंधेरे में डूबा रहता है। इससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रात्रि के समय अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को वाहन का सहारा लेना पड़ता है। पैदल अथवा दोपहिया वाहन से आने-जाने वाले लोगों में असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। अस्पताल परिसर के पिछले हिस्से में भी पर्याप्त रोशनी नहीं होने से सांप-बिच्छू एवं अन्य जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है।
करीब 9 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से बने इस अस्पताल में कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव दिखाई दे रहा है। अस्पताल में रात्रिकालीन सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी उपलब्ध नहीं हैं। वहीं मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण कई बार स्टाफ को फोन पर बात करने के लिए अस्पताल भवन से बाहर आना पड़ता है। अस्पताल कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।

नगर से दूर स्थित अस्पताल में चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। सरकारी अस्पतालों में समय-समय पर विवाद और हंगामे की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में सुरक्षाकर्मी की अनुपस्थिति किसी भी आपात स्थिति में गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। पुलिस थाना भी अस्पताल से लगभग दो किलोमीटर दूर होने के कारण तत्काल सहायता मिलने में समय लग सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी अप्रिय घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।
सीसीटीवी कैमरों की कमी
अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है। मुख्य प्रवेश द्वार सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे और स्ट्रीट लाइट का अभाव देखा गया। किसी भी विवाद या घटना की स्थिति में साक्ष्य जुटाने में कठिनाई हो सकती है। नागरिकों ने अस्पताल प्रबंधन से सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को जल्द सुदृढ़ करने की मांग की है।









