भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने तबादलों के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद कृषि मंत्री के ओएसडी (OSD) अशोक कुमार बाथम सहित तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक मीडिया संस्थान द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के सामने आने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा की गई।
स्टिंग ऑपरेशन में कथित तौर पर मंत्री के तीनों कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में तबादले कराने के बदले लाखों रुपये की मांग करते हुए दिखाया गया। मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित विभागों ने निलंबन के आदेश जारी किए।
स्टिंग ऑपरेशन के अनुसार इन कर्मचारियों पर लगे आरोप-
अशोक कुमार बाथम (सहायक संचालक एवं ओएसडी) पर कृषि विस्तार अधिकारी के तबादले के बदले अपने आवास पर मुलाकात के दौरान 2.50 लाख रुपये मांगने का आरोप है।
दिनेश भकोरिया (निज सहायक) पर वन रक्षक के तबादले की पैरवी के एवज में 3.50 लाख रुपये की मांग करने का आरोप है।
अंकित अवधिया (स्टेनो टाइपिस्ट) पर एक नर्स के तबादले के लिए 5 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है।
मुख्यालय बदला, विभागीय जांच के आदेश
निलंबन अवधि के दौरान अंकित अवधिया और दिनेश भकोरिया का मुख्यालय सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय भोपाल निर्धारित किया गया है। वहीं, अशोक कुमार बाथम का मुख्यालय सीधी तय किया गया है। सरकार ने पूरे मामले की विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं, ताकि आरोपों की विस्तृत जांच की जा सके।
विपक्ष ने साधा निशाना
मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में तबादलों से प्रतिबंध हटने के बाद “तबादला उद्योग” चल रहा है और खुलेआम तबादलों के लिए राशि तय की जा रही है। विपक्ष ने कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही कांग्रेस ने पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की भी मांग की है।
सरकार की कार्रवाई
सरकार ने फिलहाल आरोपित कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।









