
13 नागरिक घायल, मकानों और वाहनों को नुकसान; मक्का के पास ड्रोन मार गिराने का सऊदी दावा
रियाद/सना। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के विभिन्न शहरों में किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, 14 सितंबर को खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ में हुए हमलों में 13 नागरिक घायल हुए। घायलों को मामूली से मध्यम चोटें आईं, जबकि सात मकानों और दो वाहनों को नुकसान पहुंचा।
मक्का के पास ड्रोन मार गिराने का दावा
सऊदी गठबंधन ने 15 सितंबर को दावा किया कि मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को सऊदी वायु रक्षा ने उस समय नष्ट कर दिया, जब वह शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले था। गठबंधन प्रवक्ता ने मक्का की सुरक्षा को संवेदनशील मुद्दा बताते हुए हूती हमलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने मक्का, अबहा, जेद्दा, जाजान, ताइफ, यनबू और अल-उला समेत कई क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए थे। बाद में मक्का में खतरा टलने की सूचना दी गई।
हूती संगठन ने क्या कहा?
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने 14 सितंबर को दावा किया कि संगठन ने खमिस मुशैत स्थित किंग खालिद एयर बेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। उनके बयान के मुताबिक, हमले में विमान हैंगर, रडार, रनवे और गोला-बारूद के डिपो को निशाना बनाया गया।
हालांकि, सऊदी गठबंधन के बयान में एयर बेस को हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है।
हूती संगठन ने मक्का को निशाना बनाने के सऊदी आरोप से भी इनकार किया है। संगठन का कहना है कि मक्का या अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का आरोप भ्रामक प्रचार है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
हुती विद्रोहियों के हमले के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब का साथ नहीं दिया! प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए हूती हमलों की कड़ी निंदा जरूर की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 8 सितंबर को जारी बयान में अबहा, खमिस मुशैत, जाजान और नजरान में नागरिक तथा आर्थिक ठिकानों पर हमलों को सऊदी संप्रभुता और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया।
क्षेत्रीय तनाव गहराया
सऊदी अरब और हूती संगठन के बीच बढ़ते हमलों से यमन संघर्ष का दायरा फिर बढ़ने की चिंता सामने आई है। सऊदी गठबंधन ने हमलों का जवाब देने की चेतावनी दी है, जबकि हूती पक्ष ने अपने सैन्य अभियानों को सऊदी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया है। दोनों पक्षों के दावों में अंतर होने के कारण एयर बेस और अन्य सैन्य ठिकानों को हुए वास्तविक नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
स्रोत: रॉयटर्स, एसोसिएटेड प्रेस, शफाक न्यूज और पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के सार्वजनिक बयान।








