रतलाम। रतलाम में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी से राहत दिलाने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर हरित अभियान शुरू करने की मांग उठी है। पूर्व महापौर एवं भाजपा संगठन जिला प्रभारी (इंदौर ग्रामीण) शैलेंद्र डागा ने इस संबंध में कैबिनेट मंत्री एवं रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप और कलेक्टर को विस्तृत सुझावों के साथ एक पत्र सौंपा है।
अपने पत्र में डागा ने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों से रतलाम प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल होता जा रहा है। इस वर्ष तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र को उन्होंने गंभीर पर्यावरणीय संकट बताया है।
प्रारंभिक चरण में 10 हजार पौधे लगाने का सुझाव
डागा ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने का प्रस्ताव रखते हुए प्रारंभिक स्तर पर कम से कम 10 हजार पौधे लगाने की बात कही है। साथ ही इन पौधों के संरक्षण और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि तापमान में कमी के साथ पर्यावरण में सुधार हो सके।
इन क्षेत्रों को किया गया चिन्हित
पौधारोपण के लिए शहर के प्रमुख मार्गों और स्थानों का चयन किया गया है, जिनमें 80 फीट रोड, हनुमान ताल, बरबड़ रोड, सेजावता-बंजली बायपास, जावरा फाटक से सेजावता फोरलेन, महू रोड बस स्टैंड से खाचरोद फंटा मार्ग, रविदास चौक से करमदी चौराहा, त्रिवेणी मथुरी-करमदी मार्ग, रिंग रोड, बिबड़ोद रोड, गंगासागर कॉलोनी और अमृत सागर से सागोद रोड सहित अन्य हाईवे और ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों का चयन इस आधार पर किया गया है कि निकट भविष्य में इनके चौड़ीकरण की संभावना कम है, जिससे पौधों का संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
वर्षा ऋतु से पहले अभियान चलाने पर जोर
उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी दो माह में विशेष अभियान चलाकर वर्षा ऋतु से पहले पौधारोपण किया जाए, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक बढ़े।
“एक पौधा–एक जिम्मेदारी” मॉडल पर बल
पौधों की देखरेख सुनिश्चित करने के लिए “एक पौधा–एक जिम्मेदारी” मॉडल अपनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत नागरिकों, विद्यार्थियों और सामाजिक संस्थाओं को जोड़ा जाएगा, साथ ही ट्री-गार्ड, सिंचाई और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।
जनभागीदारी से बनेगा जनआंदोलन
डागा ने नगर निगम, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों के सहयोग से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की बात कही है। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और व्यापारिक संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
स्थानीय प्रजातियों के पौधों पर जोर
पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि ऐसे पौधे लगाए जाएं जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल, छायादार और पर्यावरण के लिए अधिक उपयोगी हों।
अंत में उन्होंने मंत्री चेतन्य काश्यप और कलेक्टर से इस प्रस्ताव को प्राथमिकता देने, संबंधित विभागों को निर्देशित करने और शीघ्र कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, ताकि रतलाम को हरित और संतुलित पर्यावरण वाला शहर बनाया जा सके।








