पैसा मोबाइलाइजर को हटाने के विरोध में आदिवासी कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन : तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा

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मनावर : (मप्र.) मध्यप्रदेश के 20 जिलों में पेसा (PESA) मोबिलाइजर्स की सेवाएं समाप्त करने के आदेश के बाद आदिवासी क्षेत्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। अब इस फैसले का विरोध सड़कों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंच चुका है और आदिवासी कांग्रेस और कर्मचारी संगठनों ने सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

पेसा मोबिलाइजर्स को हटाने, सेवा समाप्ति के कारण में बताया गया कि पंचायत राज संचालनालय ने फंड की कमी और भारत सरकार की आरजीएसए (RGSA) योजना 31 मार्च 2026 को समाप्त होने का हवाला देते हुए लगभग 5,000 पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं समाप्त की हैं। कम मानदेय (लगभग 4,000 रुपये प्रति माह) पर वर्षों तक काम लेने के बाद अचानक नौकरी से निकाले जाने से युवाओं में भारी नाराजगी है।

प्रदर्शनकारियों और आदिवासी नेताओं का मानना है कि इन मोबिलाइजर्स के हटने से जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाएं, जल-जंगल-जमीन से जुड़े अधिकार और पेसा एक्ट का क्रियान्वयन कमजोर होगा। कांग्रेस ने इस फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों की सेवाएं निरंतर जारी रखने की मांग की है। मध्य प्रदेश आउटसोर्स, अस्थायी कर्मचारी संघ और अन्य संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपना आदेश वापस नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। मनावर प्रदेश भर में विरोध दर्ज कराया जा रहा है।

जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया

आज मनावर में आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील स्टार चौहान एवं उमरबन ब्लॉक कांग्रेस के नेतृत्व में नगर के विश्राम भवन से तहसील कार्यालय तक रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इसके पश्चात तहसीलदार विजय तलवाड़े को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष चौहान ने कहा कि सरकार ने युवाओं और मोबिलाइजर्स की सेवा समाप्त करके कहीं ना कहीं उन्हें हताश किया है हम उमंग सिंगार नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में इन सभी कर्मचारियों की आवाज बनकर सरकार से यह मांग करते हैं कि इस फैसले को निरस्त किया जाए और उनकी सेवाओं को यथावत की जाए।

मोबिलाइजर्स साक्षी शर्मा ने बया किया अपना दर्द

मोबिलाइजर्स की सेवा समाप्त करने के बाद मनावर में साक्षी शर्मा ने बताया कि हम 2022 से पंचायत में कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि पेसा अधिनियम और पैसा एक्ट जो लागू हुआ था इसे जमीन स्तर को उतारने के लिए हमने भरपूर मेहनत की। सरकार की योजना अनुसार सारे कार्य किए। लाड़ली बहन योजना में भी सरकार के लिए बहुत कार्य किए। अब सरकार ने सभी सेवाएं समाप्त करके हमे लेटर भेज दिया है ये हमारे साथ अन्याय है।

इस अवसर पर कांग्रेस के जर्मनसिंह पंजाबी, गजानंद सोलंकी, महिपाल जाट, दिनेश राठौर, कैलाश भाटिया, जगदीश पटेल, करणसिंह दरबार, कालू पटेल, सुमनबाई पटेल, बच्चू इसके सहित कई दर्जन नेता और मोबिलाइजर्स मौजूद थे।

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