मनावर में धूम से मनाई बाबा साहब की जयंती, उत्साहित दिखे आंबेडकरवादी , बैंड के साथ चल समारोह निकाला

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मनावर : (मप्र.) देश और दुनिया में आज डॉ भीमराव अंबेडकर साहब की जन्म जयंती मनाई जा रही है इस उपलक्ष में विभिन्न स्थानों पर कई आयोजन की जा रहे हैं। इसी कड़ी में धार जिले के मनावर में बलाई समाज ने नगर के मुख्य मार्गो से विशाल जुलूस निकाला, जिसमें बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित कर चल समारोह के रूप में विशाल रैली निकाली। नगर के गांधी चौराहे पर कांग्रेस, भाजपा सहित एवं अन्य संगठनों ने जुलूस का स्वागत अभिनंदन किया।

 

कांग्रेस नेताओं ने नगर अध्यक्ष ओम सोलंकी के नेतृत्व में निरंजन डावर, लक्ष्मी जाट, अख्तर बी, सूरज जाट, अनिल मकवाना, महेश माझी, आरिफ मंसूरी, पवन अलावा, आजम खान सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने पुष्पवर्षा से अंबेडकरवादियों का स्वागत किया। वहीं भाजपा के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में मोनू पाटीदार, कैलाश राठौड़, रूपेश पार्षद, अमित शर्मा, नीरज गर्ग आदि भाजपा कार्यकर्ता मौजूदगी में स्वागत किया।

उक्त जुलूस के आयोजन में दिनेश रावल, बबन वर्मा, सीताराम सोलंकी, जिमी सावनेर, अरुण गर्ग, विनीता भालके (भोसले) आदि सैकड़ो की तादात में समाज के लोग उपस्थित रहे।

दलितों के मसीहा, संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर

आज दलितों के मसीहा भीमराव अंबेडकर की आज जयंती है। उन्हें भारतीय संविधान का निर्माता भी कहा जाता है। अंबेडकर एक महान अर्थशास्त्री, कानूनविद, और समाज सुधारक भी थे। संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने देश का लिखित संविधान को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई, ताकि संविधान में प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार मिले। अंबेडकर ने जाति प्रथा और छुआछूत के विरोध में बड़ा आंदोलन किया। अछूतों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने 1927) महाड़ सत्याग्रह आंदोलन किया। दलितों की शिक्षा और उत्थान के लिए बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की।

बाबासाहेब अंबेडकर महिला अधिकारों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने हिंदू कोड बिल पेश किया। इसका मकसद महिलाओं को संपत्ति में अधिकार, तलाक का अधिकार और गोद लेने का अधिकार देना था। अंबेडकर एक बड़े अर्थशास्त्री भी थे। भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना उनके रिसर्च द प्रॉब्लम ऑफ द रूपी: इट्स ओरिजिन एंड इट्स सॉल्यूशन में दिए गए सुझावों के आधार पर हुई थी। भारत के श्रम मंत्री के तो उन्होंने मजदूरों के लिए बड़े सुधार किए, काम के घंटों को 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे करना। गर्भवती महिला श्रमिकों के लिए प्रसूति अवकाश का प्रावधान कराया। कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) और भविष्य निधि (PF) जैसी सुविधाओं की नींव रखी। ऐसे ही कई योगदान है जिनके बदले आज भी बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर साहब लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं।

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