मुंबई/छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि संगठन अगले महीने देशव्यापी ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करेगा। इस अभियान के तहत सीजेपी विभिन्न राज्यों में जाकर आम लोगों से सीधे संवाद करेगी और उनकी जमीनी समस्याओं, सुझावों तथा अपेक्षाओं को समझने का प्रयास करेगी।
बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दीपके ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सीजेपी की राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण कराने या चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन एक प्रेशर ग्रुप के रूप में कार्य करता रहेगा और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के साथ सरकारों एवं संस्थाओं को जवाबदेह बनाने का प्रयास करेगा।
दीपके ने राजनीतिक व्यवस्था, मीडिया, न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। उनका कहना था कि लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है, जब सभी संवैधानिक संस्थाएं निष्पक्ष और जवाबदेही के साथ कार्य करें।

निर्वाचन आयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर लोगों में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार पहले मतदाता तय करते थे कि सरकार कौन बनाएगा, लेकिन अब ऐसी स्थिति बनती दिख रही है कि सरकार ही यह तय करने लगी है कि मतदान कौन करेगा। उन्होंने कहा कि यदि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर लगातार प्रश्न उठते रहे तो लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होंगी।
दीपके ने हाल के छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए दावा किया कि छात्रों के आंदोलन और जनता के बढ़ते दबाव के कारण ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा कि इन आंदोलनों ने लोगों के भीतर व्याप्त भय का माहौल तोड़ा है और नागरिक अब अपने अधिकारों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए खुलकर आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के दौरान देशभर से जुटाए गए सुझावों और समस्याओं के आधार पर संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।
संगठन के भीतर भी विरोध
इस बीच सीजेपी के भीतर असंतोष के स्वर भी सामने आए हैं। दीपके के आवास पर आयोजित संगठनात्मक बैठक के दौरान कुछ स्वयंसेवकों ने घर के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज का सामना स्वयंसेवकों ने किया, जबकि संगठन के प्रमुख पद दीपके ने अपने करीबी लोगों को सौंप दिए। उनकी मांग है कि पहले मित्रों को प्रवक्ता पदों से हटाया जाए, उसके बाद ही संगठनात्मक बैठक आयोजित की जाए।
राष्ट्रीय कार्य समिति का गठन
सीजेपी ने गुरुवार को अपनी राष्ट्रीय कार्य समिति की भी घोषणा की। इसमें संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। सौरव दास (मुख्य प्रवक्ता) और आशुतोष रांका (प्रवक्ता) को सह-संयोजक नियुक्त किया गया। वहीं अजीत शिंदे को राष्ट्रीय प्रभारी और दीपक बालियान को सह-प्रभारी बनाया गया।
इसके अलावा आफरीन नवाज को राष्ट्रीय सचिव, विजय रेड्डी मल्लंगी को मीडिया प्रमुख, रत्ना सिंह को कानूनी मामलों की प्रमुख, वैष्णवी गौर को अनुसंधान एवं नीति प्रमुख, रोहन देशपांडे को प्रौद्योगिकी प्रमुख तथा योगेश इंगले को वित्त प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई।









