
तेहरान/नई दिल्ली। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोगों ने भाग लेकर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। तेहरान में आयोजित राजकीय श्रद्धांजलि समारोह में देशभर से आए लोगों के साथ कई देशों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए।

समारोह में भारत की ओर से आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने भी हिस्सा लिया। भारत का प्रतिनिधित्व विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने किया, जिन्होंने भारत सरकार और देश की जनता की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोग भावुक नजर आए। लोगों ने नम आंखों से अपने दिवंगत नेता को अंतिम विदाई दी और उनके सम्मान में प्रार्थनाएं कीं। ईरानी प्रशासन के अनुसार अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम कई दिनों तक चलेंगे तथा 9 जुलाई को उनके पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल अनेक लोगों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए जवाबी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ईरान पर हुए हमलों का उचित जवाब दिया जाना चाहिए। कई लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया।
अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ज्ञात हो कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु 28 फ़रवरी 2026 को हुई थी। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, वे अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त हवाई कार्रवाई के दौरान तेहरान स्थित उनके परिसर पर हुए हमले में मारे गए थे। युद्ध की परिस्थितियों के कारण उनका अंतिम संस्कार तत्काल नहीं हो सका और बाद में जुलाई में सार्वजनिक अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए गए।









