
धार : (मप्र.) जिले में भोजशाला परिसर को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए है। हाई कोर्ट से आने वाले फैसले के बाद आने वाले शुक्रवार से पहले प्रशासन ने एहतियात के तौर पर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 1 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। साइबर और टेक्निकल टीम ने ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी तेज कर दी है
भोजशाला परिसर में शुक्रवार को पूजा करने के लिए समिति ने सामूहिक रूप से एकत्र होने का आह्वान किया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कोर्ट के आदेशों का पालन करने की अपील की है।
ज्ञात हो कि 15 मई को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर माना और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को नमाज की अनुमति दी गई थी। इस फैसले से पहले हिंदू समुदाय को केवल मंगलवार को पूजा की अनुमति थी, जबकि मुस्लिम समुदाय लंबे समय से शुक्रवार को यहां नमाज अदा करता रहा है। दोनों समुदाय इस स्थल पर अपना दावा करते रहे हैं।
विवाद की स्थिति न बने : पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने धार की सड़कों पर फ्लैग मार्च के दौरान स्पष्ट किया है कि अदालत के निर्देशों को पूरी तरह लागू किया जाएगा और किसी भी विवाद की स्थिति में हम कड़ी कार्यवाही करेंगे। नई धार्मिक गतिविधि या परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही लोगों से अफवाहों और भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट से दूर रहने की अपील की गई है। साइबर टीमें, ड्रोन, हर तरह की उचित सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
काज़ी वकार सादिक ने मोहल्लों में नमाज पढ़ने की अपील की
मुस्लिम पक्ष की ओर से शहर काज़ी वकार सादिक ने देर रात मीडिया से रूबरू होकर अपनी बात रखी। उन्होंने समस्त जिले के समाजजनों से अपने-अपने मोहल्लों और गांव में जुम्मे की नमाज पढ़ने की अपील की। कहा कि हम इस पूरे मामले में संविधान के अनुसार लड़ाई लड़ते आए है और आगे भी लड़ेंगे, लेकिन उसका तरीका संवैधानिक होगा। हमने ओर हमारे वकील सलमान खुर्शीद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है हमे हमारे देश के कानून पर पूरा भरोसा है। फिलहाल शांति बनाए रखे, ये शहर और यहां के लोग अपने है सभी सरकारी गाइड लाइन का पालन करे।









