अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के बीच दो हफ्तों का सीजफायर, 40 दिन बाद रुकी जंग, ईरान का होर्मुज पर टोल का प्लान

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वाशिंगटन/तेहरान/नई दिल्ली – अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच 2 हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान हो गया है। 2 हफ्ते तक दोनों देश एक दूसरे पर हमला नहीं करेंगे। पाकिस्तान ने मध्यस्थता की, ट्रंप ने प्रस्ताव को माना वहीं ईरान ने 10 शर्त रखते हुए इसे अपनी जीत बताया। ट्रंप ने जहां, इस सीजफायर के पीछे ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित खोलने के वादे को आधार बनाया है तो वहीं ईरान ने इसे अपने 10 शर्तों वाले प्रस्ताव को मानने को आधार बताते हुए इसे अमेरिका के खिलाफ अपनी जीत करार दिया है।

पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा..

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने मुझसे अनुरोध किया कि आज रात ईरान के लिए भेजी जा रही विनाशकारी फोर्स को रोक दिया जाए, क्योंकि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और सुरक्षित रूप से पूरी तरह खोलने पर सहमत हो रहे हैं, उनके साथ हुई इस बातचीत के आधार पर मैं ईरान पर दो सप्ताह की अवधि के लिए बमबारी और हमला स्थगित करने के लिए सहमत हूं। यह एक द्विपक्षीय युद्धविराम होगा! ऐसा करने का कारण यह है कि हमने पहले ही अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है और उनसे आगे निकल चुके हैं तथा ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति और मध्य पूर्व में शांति संबंधी एक निश्चित समझौते की दिशा में बहुत आगे बढ़ चुके हैं। हमने ईरान से 10 सूत्रीय प्रस्ताव प्राप्त किया है और मानते हैं कि यह वार्ता के लिए एक व्यावहारिक आधार है। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच पिछले विवादों के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, लेकिन दो सप्ताह की अवधि इस समझौते को अंतिम रूप देने और पूरा करने की अनुमति देगी। संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति के रूप में तथा मध्य पूर्व के देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए यह सम्मान की बात है कि यह दीर्घकालिक समस्या समाधान के बहुत करीब पहुंच गई है। इस मामले पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद!राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप”

ईरान के विदेश मंत्री ने लिखा…

अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा, ” इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर से मैं अपने प्रिय भाइयों, पाकिस्तान के माननीय प्रधानमंत्री शरीफ और माननीय फील्ड मार्शल मुनीर का इस क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के लिए उनके अथक प्रयासों के लिए हार्दिक आभार और सराहना व्यक्त करता हूं। प्रधानमंत्री शरीफ द्वारा अपने ट्वीट में किए गए भाईचारे वाले अनुरोध के जवाब में तथा अमेरिका द्वारा अपने 15-सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर वार्ता का अनुरोध करने और POTUS द्वारा ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को वार्ता का आधार मानने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए मैं ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से घोषणा करता हूं कि यदि ईरान पर हमले रोक दिए जाते हैं तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाइयां बंद कर देंगी। आगामी दो सप्ताह की अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग संभव होगा, जो ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय करके और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए किया जा सकता है।”

अमेरिका के साथ सीजफायर पर राजी होने वाले ईरान की 10 शर्तें इस प्रकार हैं-

– आगे कोई आक्रामकता नहीं यानी ईरान पर कोई हमला न होने की गारंटी हो

– होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का लगातार नियंत्रण जारी रहेगा

– ईरान के यूरेनियम संवर्धन को स्वीकृत देनी होगी

– सभी प्राथमिक प्रतिबंध हटाना 

– सभी द्वितीयक प्रतिबंध हटाना

– संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना

– आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना

– ईरान को हमले में हुए नुकसान के लिए अमेरिका द्वारा मुआवजा का भुगतान करना

– मिडिल-ईस्ट क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू सैन्य बलों की वापसी 

– सभी मोर्चों पर युद्ध का अंत हो, जिसमें लेबनान के वीर इस्लामिक प्रतिरोध (हिजबुल्लाह) के खिलाफ युद्ध भी शामिल है। 

आपको बता दे कि इस युद्ध के कारण दुनिया में ऊर्जा और संकट पैदा होने लगा है। दुनिया के कई देशों में इसका प्रभावी असर होने लगा है। अगर यह युद्ध जारी रहता तो दुनिया की ग्लोबल इकॉनमी ठप हो जाती है।

ईरान युद्ध में सीजफायर कराया चीन ने : न्यूयॉर्क टाइम्स

ईरान के सुप्रीम लीडर ने पाकिस्तान के सीजफायर प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, दिलचस्प ये है कि जिस प्रस्ताव और सीजफायर का हीरो पाकिस्तान बन रहा है, उसमें असली खेल तो चीन ने खेला है। वो चीन ही था, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए दबाव बनाया। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने युद्धविराम में अहम भूमिका निभाई है।

ईरान-ओमान बनाएंगे होर्मुज पर टोल का प्लान

रिपोर्ट के मुताबिक दो हफ्ते के सीजफायर प्लान के तहत ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क ले सकते हैं। ईरान इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध के बाद अपने देश के पुनर्निर्माण में करेगा, जबकि ओमान इस रकम का क्या करेगा, यह अभी साफ नहीं है। अब जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए पैसे देने पड़ सकते हैं। ईरान इस पैसे से अपने नुकसान की भरपाई करेगा, लेकिन ओमान की योजना अभी स्पष्ट नहीं है।

सीजफायर के बाद भी खाड़ी देश अलर्ट पर है 

ईरान-अमेरिका युद्ध: खाड़ी क्षेत्र में इस समय कई हमले और सैन्य गतिविधियां देखी गई हैं। यह कहना सही होगा कि ये हमले उस समय हुए, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के लिए दी गई समय-सीमा बढ़ाई थी। पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए। सऊदी अरब में भी कई हमले हुए, जहां एयर डिफेंस सिस्टम ने पांच मिसाइलों को रोक लिया. वहीं कुवैत में अधिकारियों ने लोगों को रात भर घर में रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी कुल मिलाकर पूरे इलाके में तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है हालांकि इन हालात के बावजूद ये देश अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अपने लोगों की रक्षा करने के लिए कदम उठा रहे हैं।

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