ग्रामीण जिला मुख्यालय, दर्जनों नेता, अल्ट्राटेक फैक्ट्री होने के बावजूद भी नगर के मुख्य मार्गों की स्थिति दयनीत

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मनावर : (मप्र.) जैसे-जैसे यातायात का दबाव बढ़ने लगा है वैसे ही मनावर के प्रमुख गांधी चौराहे की स्थिति दयनीत होती जा रही है। आमजन को ऐसे ही हालातो में जीने की आदत सी हो गई लेकिन यह समस्या का हल नहीं है, क्योंकि ऐसे हालातों में दुर्घटनाएं बढ़ने लगी है। पूर्व में कई बार ट्रेलरों ने डिवाइडर तोड़ दिए, एक मजदूर का ट्रेलर की चपेट में आने से पैर कट गया, छोटी बड़ी दुर्घटना लगातार होती जा रही है लेकिन मुखदर्शक बने जिम्मेदार किसी ओर बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं।

मनावर में औद्योगिक फैक्ट्री अल्ट्राटेक सीमेंट का प्लांट मौजूद है। मनावर को जिला बनाने की मांग भी तेजी से उठाई जाती है क्षेत्र में दर्जनों कांग्रेस-बीजेपी और अन्य पार्टियों के नेता निवासरत है बावजूद इसके मनावर की सड़कों का अतिक्रमण और बाईपास रिंग रोड का निर्माण नहीं हो रहा है। क्या कारण है कि सरकार द्वारा मनावर के लिए बजट उपलब्ध नहीं? क्या यहां आमजन की जान ओर माल की कोई कीमत नहीं या फिर भेदभाव के चलते इसे नजरअंदाज किया जा रहा है?

ऊपर चित्र में देखा जा सकता है कि मनावर का मुख्य गांधी चौराहे पर जब एक यात्री बस और सीमेंट का ट्रेलर आमने-सामने आ जाते हैं तो उन्हें चौराहे से गुजरने में कितनी मशक्कत करनी पड़ती है। कई देर तक यातायात प्रभावित रहता है इसी बीच नगर के नागरिक और ग्रामीण क्षेत्र के ग्रामवासी खरीदी बिक्री के लिए मनावर में आगमन करते हैं और उन्हें इसी ही डेंजर जोन ट्रैफिक से गुजरना पड़ता है जो खतरे से खाली नहीं है। इसके साथ साथ नगर में मुख्य मार्ग मेन बाजार जो कि लगभग 60 से 90 फीट चौड़ा है लेकिन बेइंतहा अतिक्रमण के चलते चार पहिया वाहन को भी इस मेन बाजार से गुजरने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हालत बदतर होते जा रहे है, अतिक्रमण कम होने की बजाय दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

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