इंदौर : पीडिता ने थाना बड़गौंदा पर रिपोर्ट किया था कि दिनांक 14 अप्रैल 26 को में मेरे दोस्त के साथ इन्दौर से लगनसा बाबा के मंदिर घूमने आयी थी। दर्शन करने के बाद मैं व मेरा दोस्त लगनसा बाबा के सामने बेरछा जंगल में बैठे थे तभी 02 अज्ञात व्यक्ति आये जिनमें से एक व्यक्ति ने टीशर्ट व जींस पहना था व एक व्यक्ति ने शर्ट पहना था। उनमें से एक व्यक्ति के हाथ में डण्डा था। दोनो व्यक्ति मुझे व मेरे दोस्त को थप्पड़ व लकडी के डण्डे से मारपीट करने लगे। मेरा दोस्त वही गिर गया था वह दोनो व्यक्ति मझे जबरजस्ती खींच कर मेरा मुंह दबाकर जंगल में अन्दर की तरफ ले गये। जहां दोनो व्यक्तियो ने मेरे कपडे फाड दिये व मेरे साथ बारी बारी से गलत काम (दुष्कर्म) किया। जिस पर थाना बडगौदा पर अपराध क्रमांक 127/2026 धारा 70(1), 87, 115(2), 351(3), 3(5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्यवाही घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक
इन्दौर (ग्रामीण) जोन इन्दौर अनुराग, उप पुलिस महानिरीक्षक इन्दौर (ग्रामीण) रेंज इन्दौर मनोज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक इन्दौर (ग्रामीण) यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा अज्ञात आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महू रूपेश कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में एसआईटी (SIT) गठित की गई जिनके सहायतार्थ एसडीओपी महू ललित सिंह सिकरवार को निर्देशित किया गया।
घटना का तरीका आरोपियों द्वारा घात लगाकर जंगल में पिकनिक स्पॉट जैसे तालाब किनारे अथवा मनोरम स्थल के आसपास स्थित जंगल में बैठकर शराब पार्टी करते थे एवं घूमने आये प्रेमी युगल एवं लड़के लड़कियों के आने का इंतजार करते एवं मौका देखकर उनको जंगल में अकेला पाकर युवतियों के साथ दुष्कर्म एवं लूटपाट की घटना करते थे और उसके बाद पीडित को जान से मारने की धमकी देकर, बदनामी का डर दिखाकर भगा देते थे एवं खुद जंगल में भाग जाते थे।
सूचना प्राप्त होने के तत्काल बाद थाना मानपुर, थाना बड़गौंदा एवं थाना महू पुलिस द्वारा तत्काल घटनास्थल पर पीडितों के साथ आरोपियो की पतारसी हेतु बेरछा के जंगल में तलाश की गई तथा मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में पैदल एवं ड्रोन से सर्च ऑपरेशन चलाया गया । आरोपियों का पता नही चलने पर घटना स्थल के आसपास के गांवो एवं घटना स्थल के मार्ग, मंदिर, पेट्रोलपंप पर लगे कैमरों के सीसीटीव्ही फुटेज चैक किये गये एवं स्थानीय मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। आरोपियों के स्केच बनवाकर जारी किये गये तथा अज्ञात आरोपियों पर 10,000 रुपये का ईनाम घोषित किया गया। घटना के संबंध में अनेक संदिग्धों से पूछताछ की गई। विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि उक्त घटना में शामिल 02 व्यक्ति उसी हुलिया के घटना स्थल के पास बेरछा जंगल में फिर से ऐसी ही वारदात करने के लिए घूम रहे है सूचना के आधार पर एसआईटी द्वारा दबिश दी गई। 02 व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया जिनसे सख्ती से पूछताछ करने पर घटना घटित किया जाना स्वीकार किया।
इस कार्यवाही में एसआईटी से निरीक्षक प्रकाश वास्कले थाना प्रभारी बड़गौदा, निरीक्षक महेन्द्र मकाने थाना प्रभारी मानपुर, उनि अनिल चाकरे, उनि गजा पटेल, उनि मुन्नालाल डोडियार उनि संदीप अखाडिया, सउनि महेश वर्मा, प्र.आर. नीरज, जितेन्द्र, संतोष, आरक्षक मुलायम, रवि राजावत, विजय, दीपक बघेल, रवि तिवारी (सायबर सेल) एवं थाना बड़गौंदा के सउनि मनोज सुलिया, प्र.आर. राधेश्याम चौहान, महिला आर. प्रीति तंवर थाना महू के आर. सुनील गिरवाल एवं पुलिस लाईन से उनि त्रिलोक बोरासी, प्र.आर. सुशील खेडे, आरक्षक सुशांत, सैनिक राहुल, कमल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इन्दौर (ग्रामीण) पुलिस द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि यदि पूर्व में भी बेरछा रेंज के जंगलों के आसपास इस तरह की घटना किसी के साथ हुई है तो उसकी सूचना पुलिस को दें, सूचना एवं पहचान गोपनीय रखी जावेगी एवं वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।









