जिस गड्ढे की खुदाई कर रही थी जेसीबी, उसी में फंसा लोडेड ट्रक

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मनावर में सड़क पर किए जा रहे कार्य में लापरवाही का मामला, दिनभर लगा रहा जाम; देर रात ट्रक निकालने का प्रयास

मनावर। नगर के मुख्य मार्ग स्टेट हाईवे-38 पर निर्माण एवं मरम्मत कार्य के दौरान बरती गई लापरवाही का मामला सामने आया है। जिस स्थान पर जेसीबी से खुदाई की गई थी, काम पूरा होने के बाद मिट्टी डालकर उसे दबाकर छोड़ दिया गया। इसके बाद रविवार को एक लोडेड ट्रक इसी स्थान पर धंसकर फंस गया। ट्रक करीब दो फीट नीचे तक धंस गया, जिससे उसे निकालना मुश्किल हो गया।

जानकारी के अनुसार मनावर-मांगोद मार्ग पर गांधी चौराहे से करीब 300 मीटर दूरी पर यह स्थिति बनी। यह मार्ग मनावर को जिला मुख्यालय धार सहित आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। करीब 50 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर दिनभर भारी वाहनों का आवागमन रहता है।

दिनभर फंसा रहा ट्रक, यातायात प्रभावित

ट्रक के गड्ढे में फंस जाने के बाद चालक ने काफी मशक्कत की, लेकिन ट्रक बाहर नहीं निकल सका। ट्रक के फंसे रहने से सड़क का एक हिस्सा बाधित हो गया और दिनभर रुक-रुककर जाम की स्थिति बनती रही। सड़क किनारे दुकानें संचालित होने के कारण वाहनों को निकालने में और परेशानी हुई।

ऊपर बिजली के तार, नीचे गड्ढा—बढ़ी परेशानी

मौके पर ऊपर बिजली के तार भी लटक रहे थे। ऐसे में ट्रक को निकालने के दौरान भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। सड़क किनारे व्यापारिक गतिविधियां जारी रहने से भारी वाहन को निकालने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही थी।

स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर लगातार कदम उठाए जाते हैं, लेकिन निर्माण कार्य के बाद सड़क को सुरक्षित स्थिति में नहीं छोड़ने से यह घटना जिम्मेदार एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। देर रात ट्रक को गड्ढे से बाहर निकालने का प्रयास किया गया।

अतिक्रमण और भारी यातायात के बीच हादसों का खतरा

नगर से गुजरने वाला स्टेट हाईवे-38 अत्यधिक यातायात दबाव वाला मार्ग है। एक ओर सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण मार्ग की चौड़ाई लगातार प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर भारी वाहनों की आवाजाही के चलते दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। रविवार को सड़क पर खुदाई के बाद बने गड्ढे में लोडेड ट्रक फंसने की घटना ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए।

नगर का गांधी चौराहा मध्य जीरो पॉइंट माना जाता है। यहां से नगर के विभिन्न प्रमुख मार्ग बाहर की ओर जाते हैं और इन्हीं मार्गों के आसपास शहर का बड़ा हिस्सा बसा हुआ है। ऐसे में सड़क किनारे अतिक्रमण होने से वाहनों के लिए उपलब्ध जगह और कम हो जाती है। खासकर भारी वाहनों के गुजरने के दौरान स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

फोरलेन बनने तक इन्हीं मार्गों पर निर्भर यातायात

मनावर क्षेत्र में प्रस्तावित फोरलेन निर्माण पूरी तरह आकार लेने तक वर्तमान मार्गों से ही यातायात का संचालन हो रहा है। इन सड़कों से स्थानीय यातायात के साथ अन्य राज्यों की ओर जाने वाले वाहन भी गुजरते हैं। सीमेंट फैक्ट्रियों से जुड़े भारी वाहन तथा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की ओर आने-जाने वाला व्यावसायिक यातायात भी इन्हीं मार्गों का उपयोग करता है।

ऐसे में सड़क पर अतिक्रमण, खुदाई के बाद खुले या कमजोर गड्ढे और भारी यातायात का दबाव मिलकर दुर्घटना की आशंका बढ़ा रहे हैं। रविवार को ट्रक के गड्ढे में फंसने से दिनभर यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक फोरलेन का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक मौजूदा मार्गों से सुरक्षित और सुचारू यातायात के लिए अतिक्रमण हटाने के साथ निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है।

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