
भोपाल : राजधानी भोपाल में दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 45 वर्ष से कम आयु के 63 युवा विधायक शामिल हुए हैं। पहले दिन लोकतंत्र को मजबूत बनाने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा शुरू हुई। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र किसी पश्चिमी मॉडल की नकल नहीं है, बल्कि यह हमारी अपनी सभ्यता, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन चलाने की व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के मूल्यों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से जुड़ी एक व्यापक प्रणाली है।
राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी
सीएम यादव ने युवा विधायकों को संदेश देते हुए कहा कि राजनीति में मर्यादा, अनुशासन और विनम्रता बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की अच्छाइयों के साथ कमियों को भी समझना चाहिए और जनता से सीधा जुड़ाव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया भारत की ओर देख रही है और देश 2047 के ‘अमृत काल’ की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने राजनेताओं द्वारा अपने बच्चों को राजनीति में जबरदस्ती लाने (वंशवाद) पर कटाक्ष किया। सीएम ने कहा कि बच्चों को राजनीति में जबरदस्ती नहीं लाना चाहिए। अगर उनमें खुद का दम और काबिलियत होगी, तो वे राजनीति में खुद अपनी जगह बना लेंगे। बिना योग्यता के बच्चों को जबरदस्ती राजनीति में लाने से राजनीति का स्तर खराब होता है। उन्होंने भगवान राम और विक्रमादित्य का उदाहरण देते हुए कहा कि राम को सिंहासन मिलने वाला था पर उन्हें वनवास मिला, वहीं विक्रमादित्य ने अपने बच्चों को राजा नहीं बनाया क्योंकि वे खुद समर्थ थे।

नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज स्तर पर होगी है – सिंघार
सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ने छात्र संघ चुनावों की बहाली की जरूरत बताते हुए कहा कि नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज स्तर से होती है। युवाओं में बदलाव की ऊर्जा होती है, जिसे सही दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब जनता की आवाज विधानसभा तक मजबूती से पहुंचे। सिंघार ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र की जरूरतों और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन बनाना है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनसे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले। उन्होंने राजनीति में भेदभाव से बचने और विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। सिंघार ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए यह संभव नहीं है कि वह क्षेत्र के सारे काम पूरे कर दे। महत्वपूर्ण यह है कि आप उन कामों को चुनें जो क्षेत्र को मजबूत बनाते हैं।
हम शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओ से जूझ रहे है – डॉ अलावा
विधायक डॉ हीरालाल अलावा ने कहा की विकसित भारत का मतलब क्या है विकसित भारत मतलब बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, आय मे सामनता और प्रति व्यक्ति आय 14 से 20 लाख प्रतिवर्ष तक होनी चाहिए आज सरकार देश को प्रदेश को विकसित भारत 2047 के सपने दिखा रही है लेकिन हकीकत मे यह दिन मे सपने देखने जैसा है आज हमारे देश की विकास दर 5-6 प्रतिशत है लेकिन विकसित भारत बनने के लिए बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामान आय के लिए भारत को अगले 20-21 सालों तक 10 से 15 प्रतिशत (जीडीपी) विकास दर की रफ़्तार बनाये रखना होंगी तब जाकर विकसित भारत बनेगा। आज भारत की इकोनॉमी 4 ट्रिलीयन डालर के लगभग है जबकि विकसित देश अमेरिका की 29 ट्रीलियन डालर चीन की 19 ट्रिलीयन डालर और जर्मनी जापान की लगभग 12 से 15 ट्रीलियन डालर है उनकी बराबरी करने के लिए अगले 20 सालों मे कड़ी मेहनत और तेजरफ़्तार विकाश दर की जरूरत है। अभी हम शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओ से जूझ रहे है इन्फेन्ट और मेटरनल मोरटिलिटी रेत विकसित देशो की तुलना मे बहुत कम है आज लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए विधानसभा मे प्रस्तुत होने वाले बिलो पर लम्बी चर्चा होनी चाहिए जबकि आज विधानसभा सत्रों के दिनों मे कमी कर दी गई है बिलो पर चर्चा नहीं होती कैसे लोकतंत्र मजबूत होगा आज भारत मे 65 प्रतिशत आबादी युवा है जिनकी उम्र 35 से कम है लेकिन उनकी राजनीति मे भागीदारी बहुत कम है हमें युवा भारत मे युवाओं को राजनीती की मुख्यधारा मे ज्यादा से ज्यादा भागीदारी देना होंगी गरीबी और अमीरी के बीच की खाई कम करना होंगी युवाओ के लिए रोजगार के अवशर पैदा करने होंगे तभी सही मायने मे विकसित भारत 2047 का सपना साकार हो पायेगा तभी देश की डेमोक्रेसी मे जनता का विश्वास मजबूत होगा









