नई दिल्ली : भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण LPG सप्लाई को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी है।
नए नियमों के तहत, सरकार ने हर जिले में पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (PSU OMCs) के दो पेट्रोल पंपों को 5,000 लीटर तक केरोसिन का स्टॉक रखने और उसे खाना पकाने और रोशनी के लिए आम लोगों को बेचने की अनुमति दी है।
आपको बता दें कि केरोसिन को लेकर ये अस्थाई ढील फिलहाल अगले 60 दिनों के लिए लागू रहेगी।
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू रहेगी।
दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, दादरा और नागर हवेली, दमन और दीव, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, अंडमान और, निकोबार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गोवा , गुजरात, उत्तराखंड, लक्षद्वीप , जम्मू एंड कश्मीर, लद्दाख, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मध्य प्रदेश, सिक्किम।
केवल घरेलू उपयोग के लिए ही होगी सप्लाई
सरकार ने साफ किया है कि केरोसिन की आपूर्ति केवल घरेलू जरूरतों जैसे खाना पकाने और रोशनी के लिए ही की जाएगी, ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।
बंद इलाकों में भी फिर शुरू होगी PDS सप्लाई
इस फैसले के तहत उन क्षेत्रों में भी अस्थायी रूप से PDS के जरिए केरोसिन की सप्लाई फिर से शुरू की जा रही है, जहां इसे पहले चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया गया था। इससे मौजूदा फ्यूल रिटेल नेटवर्क के जरिए तेज और प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
सुरक्षा नियम रहेंगे लागू
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) द्वारा जारी सभी सुरक्षा दिशा-निर्देश और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल सख्ती से लागू रहेंगे।









