राहुल गांधी पर सियासी घमासान तेज : विशेषाधिकार नोटिस से लेकर ‘झूठ की गूंज’ तक घिरी कांग्रेस, छात्रों और महिलाओं के बीच राहुल की सक्रियता ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। एक ओर संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस पर जवाब की समयसीमा आज समाप्त हो रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने उनके छात्र संवाद कार्यक्रमों और बयानों को निशाना बनाते हुए नया राजनीतिक अभियान शुरू किया है।

अमित शाह पर टिप्पणी को लेकर विशेषाधिकार नोटिस

लोकसभा सचिवालय ने भाजपा सांसदों की शिकायतों के बाद राहुल गांधी से अमित शाह के संबंध में लोकसभा में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर जवाब मांगा है। उन्हें 28 अगस्त तक अपना पक्ष रखने को कहा गया था। भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाने और संसदीय मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

अब राजनीतिक गलियारों में नजर इस बात पर है कि राहुल गांधी का जवाब क्या होता है और इसके बाद विशेषाधिकार समिति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

‘छात्रों की गूंज’ के जवाब में भाजपा का ‘झूठ की गूंज’ अभियान

राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर भाजपा ने भी मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने ‘झूठ की गूंज’ नाम के ऑनलाइन अभियान का हवाला देते हुए राहुल गांधी के बयानों को चुनौती दी और उन पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। भाजपा का दावा है कि वेबसाइट के जरिए राहुल गांधी के कार्यक्रमों में किए गए दावों की पड़ताल की जा रही है।

इस राजनीतिक टकराव ने राहुल गांधी के युवा संपर्क अभियान को सीधे भाजपा-कांग्रेस की नई राजनीतिक बहस में बदल दिया है।

युवाओं के बाद महिलाओं पर फोकस

राहुल गांधी ने हाल के दिनों में युवाओं के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों को भी अपने राजनीतिक अभियान में प्रमुखता दी है। पुणे में उनके कार्यक्रम में महिलाओं की स्वतंत्रता, सामाजिक पाबंदियों और पितृसत्ता के खिलाफ आवाज उठाने की अपील ने भाजपा-कांग्रेस के बीच एक और राजनीतिक बहस को जन्म दिया।

राहुल गांधी की रणनीति में युवाओं, छात्रों और महिलाओं को जोड़ने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। कांग्रेस इसे नई पीढ़ी की आवाज से जोड़ रही है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बता रही है।

संसद से सड़क तक लगातार सक्रिय राहुल

राहुल गांधी पिछले दिनों छात्रों, युवाओं और विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय नजर आए हैं। उनके ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों में शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे हैं। इस अभियान को कांग्रेस एक व्यापक युवा संपर्क पहल के रूप में पेश कर रही है।

भाजपा का लगातार पलटवार

राहुल गांधी के बयानों को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से लगातार हमले हो रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक सरकार और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में जनता और युवाओं से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।

सियासी तस्वीर क्या कहती है?

राहुल गांधी के सामने फिलहाल दोहरी चुनौती दिखाई दे रही है—एक तरफ संसद में विशेषाधिकार नोटिस का मामला और दूसरी तरफ भाजपा के आक्रामक राजनीतिक पलटवार। इसके बावजूद राहुल गांधी लगातार युवाओं और महिलाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने में जुटे हैं।

यानी संसद में जवाबदेही का दबाव, बाहर भाजपा का हमला और मैदान में युवाओं-महिलाओं के बीच बढ़ती सक्रियता—राहुल गांधी को लेकर देश की राजनीति में घमासान फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।

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