मनावर में इस्लाह-ए-मुआशरा जलसे में शामिल हुए सैयद गुलज़ार इस्माईल ने समाज सुधार का संदेश, माता-पिता की सेवा और नमाज की पाबंदी पर जोर दिया

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मनावर, मप्र — बालीपुर रोड स्थित वज़ीर कॉलोनी के ग्राउंड में शनिवार को ईशा की नमाज के बाद करीब रात 10 बजे से इस्लाह वर्ल्ड मिशन, मनावर के तत्वावधान में हजरत गौस पाक के मुबारक महीने के उपलक्ष्य में भव्य इस्लाह-ए-मुआशरा धार्मिक जलसे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मनावर शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे। आयोजन में हजारो लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

जलसे में मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि के रूप में आले रसूल सय्यद गुलज़ार इस्माईल वास्ती रज़्ज़ाक़ी ज़ैदी उल हुसैनी साहब, किबला सज्जादानशीन-ए-आलिया कादरिया इस्माईलिया, मसौली शरीफ, बाराबंकी (उत्तर प्रदेश), विशेष रूप से तशरीफ लाए। उनके संबोधन को सुनने के लिए बड़ी संख्या में समाजजन देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।

समाज सुधार और सही राह पर चलने का संदेश

जलसे का मुख्य उद्देश्य इस्लाह-ए-मुआशरा यानी समाज सुधार की भावना को मजबूत करना, युवाओं को सही राह दिखाना तथा धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना रहा। मुख्य वक्ता सैयद गुलज़ार इस्माईल वास्ती रज़्ज़ाक़ी ज़ैदी उल हुसैनी ने धार्मिक एवं सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर समाजजनों का मार्गदर्शन किया।

उन्होंने माता-पिता की सेवा और सम्मान को विशेष महत्व देने तथा नमाज की पाबंदी करने पर जोर दिया। उन्होंने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं और बताए मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव, नेक आचरण और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की अपील की। विशेष रूप से युवाओं को धार्मिक शिक्षाओं और अच्छे संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।

जिक्र-ए-अहलेबैत और नात शरीफ से गूंजा मैदान

कार्यक्रम के दौरान जिक्र-ए-अहलेबैत किया गया। धर्मगुरुओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब एवं उनके अहलेबैत के जीवन, शिक्षाओं और आदर्शों पर प्रकाश डाला। इस दौरान नात शरीफ भी पेश की गई। धार्मिक कलाम और तकरीर के दौरान पूरा ग्राउंड आध्यात्मिक वातावरण में नजर आया। मनावर शहर के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आशिकान-ए-रसूल और अकीदतमंद इस रूहानी महफिल में शामिल हुए। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देर रात तक बनी रही।

कई धर्मगुरु रहे मंचासीन

कार्यक्रम में कारी सखावत हुसैन, जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद कासिमुल कादरी, कारी अब्दुल मुस्तफा नूरी, मौलाना इमरान अहमद कादरी मोइनी, मौलाना गुलाब यासीन, मुफ्ती मोहम्मद शरीफ मिस्बाही (इमाम गौसिया मस्जिद), कारी नईम साहब, कारी मोहम्मद इमरान साहब, कारी रिजवान साहब सहित कई मौलाना एवं धर्मगुरु मंचासीन रहे।

कार्यक्रम का आयोजन इस्लाह वर्ल्ड मिशन, मनावर (म.प्र.) द्वारा किया गया। आयोजकों ने कार्यक्रम में तशरीफ लाए मुख्य वक्ता, धर्मगुरुओं, अकीदतमंदों तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी समाजजनों का आभार व्यक्त किया। 

इस मौके पर थाना मनावर की पुलिस भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोगी रही।

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