भोपाल में विधायक आरिफ मसूद फैंस क्लब की ओर से “जंगे आजादी–उलेमा की कुर्बानी” कार्यक्रम आयोजित

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

उमंग सिंघार और जीतू पटवारी सहित कांग्रेस नेताओं ने कार्यक्रम में की शिरकत, पटवारी बोले—समय और परिस्थिति बनी तो आरिफ मसूद बन सकते हैं डिप्टी सीएम

भोपाल। राजधानी भोपाल में विधायक आरिफ मसूद फैंस क्लब की ओर से “जंगे आजादी–उलेमा की कुर्बानी” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, उलेमा और नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की आजादी के आंदोलन में उलेमा एवं मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और उनकी कुर्बानियों को याद करना रहा।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारत की आजादी का इतिहास किसी एक समाज या वर्ग तक सीमित नहीं है। स्वतंत्रता संग्राम में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित विभिन्न समाजों के लोगों ने मिलकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया। उलेमा और अनेक मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों ने भी इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जेल यात्राएं कीं और अपने प्राणों की आहुति दी।

उमंग सिंघार बोले—आजादी की लड़ाई में सभी का योगदान 

कार्यक्रम में उमंग सिंघार ने स्वतंत्रता आंदोलन में देश के विभिन्न समुदायों के योगदान को याद करते हुए सामाजिक एकता और भाईचारे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की मिट्टी में उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान शामिल हैं, जिन्होंने भारत को आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। कहा “सभी का खून है शामिल यहाँ की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है!”

सिंघार ने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि इतिहास को किसी एक नजरिये से नहीं बल्कि सभी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। उनके सोशल मीडिया संदेश में भी कार्यक्रम के संदर्भ में “सभी का खून है शामिल यहाँ की मिट्टी में…” पंक्ति के माध्यम से इसी भावना को व्यक्त किया गया।

जीतू पटवारी का बड़ा बयान, आरिफ मसूद को लेकर कही बड़ी बात

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का बयान राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रहा। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक पटवारी ने कहा कि “समय और परिस्थिति बनीं तो भोपाल के विधायक आरिफ मसूद उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर तालियां गूंजीं और आरिफ मसूद ने हाथ जोड़कर प्रतिक्रिया दी।

पटवारी ने कार्यक्रम के मूल विषय को स्वतंत्रता संग्राम और उलेमा की कुर्बानियों से जोड़ते हुए देश की साझा विरासत और सामाजिक एकता की बात भी रखी।

आरिफ मसूद बोले—इतिहास की सच्चाई सामने आनी चाहिए

कार्यक्रम के आयोजक विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि आजादी की लड़ाई में उलेमा और मुस्लिम समाज के अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य उन कुर्बानियों को याद करना और युवाओं को देश के स्वतंत्रता आंदोलन के वास्तविक इतिहास से परिचित कराना है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों को सम्मान मिलना चाहिए और देश की आने वाली पीढ़ी को उनके संघर्ष एवं बलिदान की जानकारी दी जानी चाहिए।

कार्यक्रम बना राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र

“जंगे आजादी–उलेमा की कुर्बानी” कार्यक्रम में एक ओर जहां स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और उलेमा के योगदान को लेकर चर्चा हुई, वहीं जीतू पटवारी के आरिफ मसूद को लेकर दिए गए बयान ने कार्यक्रम को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया।

कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने देश की एकता, अखंडता, अमन, भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने का आह्वान किया। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों तथा सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

और पढ़ें