भोजशाला में गूंजे जयकारे: मां वाग्देवी गर्भगृह में विराजित, धार में दिनभर चलेगा हवन-पूजन

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मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर में रविवार को आस्था, उत्साह और भक्ति का भव्य संगम देखने को मिला। सुबह करीब 6:30 बजे मां वाग्देवी के प्रतीकात्मक चित्र को विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ गर्भगृह में स्थापित किया गया। इस अवसर पर भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी, मातृ शक्ति और हजारों श्रद्धालु ढोल-ताशों के साथ शोभायात्रा निकालते हुए भोजशाला पहुंचे। मंदिर परिसर “जय मां वाग्देवी” के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु खुशी में झूमते नजर आए।

सुबह अखंड ज्योति मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें मां वाग्देवी के चित्र और अखंड ज्योत को श्रद्धापूर्वक लेकर श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे। ढोल-ताशों की थाप पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक नृत्य और गरबा किया। गर्भगृह में मां वाग्देवी के प्रतीकात्मक स्वरूप की स्थापना के बाद पूरे परिसर में धार्मिक उल्लास का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने फूल अर्पित कर पूजा-अर्चना की और मां वाग्देवी से सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिर परिसर में दिनभर हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।

हाल ही में एएसआई द्वारा सातों दिन पूजा की अनुमति दिए जाने के बाद हिंदू समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी गोपाल शर्मा ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि मां वाग्देवी आज पुनः अपने गौरव के साथ भोजशाला में विराजित हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक भी है। उन्होंने यह भी कहा कि अब श्रद्धालु पूरे वर्ष श्रद्धा और सम्मान के साथ यहां पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर भी भोजशाला पहुंचीं और मां वाग्देवी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भोजशाला प्राचीन काल से मां सरस्वती का मंदिर रही है और न्यायालय के फैसले ने इस ऐतिहासिक सत्य को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मां वाग्देवी की प्रतिमा को स्थापित कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मांग की जाएगी।

धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा भी पारंपरिक वेशभूषा में भोजशाला पहुंचे और माता के दर्शन किए। अधिकारियों ने पूजा-अर्चना कर मंदिर में दान भी अर्पित किया। पूरे भोजशाला परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भक्ति का उत्साह साफ दिखाई दिया।

उल्लेखनीय है कि 117 वर्ष पहले अंग्रेज शासनकाल के दौरान मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को लंदन ले जाया गया था, जहां वह आज भी संग्रहालय में सुरक्षित रखी गई है। श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों की मांग है कि मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस भारत लाकर भोजशाला में पुनः स्थापित किया जाए।

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