Indore-Budhni Rail Project Update: मांगलिया स्टेशन बनेगा मेगा जंक्शन, तेज़ी से चल रहा ट्रैक और अर्थवर्क का काम
मध्य प्रदेश में इंदौर-बुधनी रेल परियोजना तेजी से आकार ले रही है। इस महत्वाकांक्षी रेल लाइन के पूरा होने के बाद प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। खासतौर पर मांगलिया रेलवे स्टेशन को आधुनिक मेगा जंक्शन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां यात्री सुविधाओं के साथ माल परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
मौके पर चल रहे निर्माण कार्यों में प्लेटफॉर्म विस्तार, फुट ओवरब्रिज (FOB) और नई ट्रैक लाइन की तैयारी प्रमुख रूप से दिखाई दे रही है। स्टेशन परिसर में गुड्स शेड और यात्री प्रतीक्षालय का काम अभी जारी है। हालांकि यात्रियों को फिलहाल गर्मी में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, लेकिन भविष्य में यहां आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पेट्रोलियम और सोयाबीन परिवहन का बड़ा केंद्र बनेगा मांगलिया
रेलवे द्वारा स्टेशन के दोनों ओर नए गुड्स शेड तैयार किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम उत्पादों और सोयाबीन से जुड़े माल की ढुलाई को आसान बनाना है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में मांगलिया मालवा क्षेत्र का प्रमुख लॉजिस्टिक हब बन सकता है। इसके लिए ट्रैक कनेक्टिविटी और लोडिंग सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
10 नए क्रॉसिंग और 7 हाल्ट स्टेशन की तैयारी
इंदौर-बुधनी रेल मार्ग पर 10 नए रेलवे क्रॉसिंग और 7 नए हाल्ट स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एक फ्लाईओवर निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। कई जगहों पर पिलर निर्माण और बेस तैयार करने का काम जारी है।
भारी मशीनों से चल रहा अर्थवर्क
नई रेल लाइन के लिए बड़े स्तर पर मिट्टी भराई और जमीन समतल करने का काम किया जा रहा है। रेलवे स्लीपर साइट पर पहुंच चुके हैं और जल्द ट्रैक बिछाने का कार्य भी शुरू होगा। हालांकि कुछ इलाकों में किसानों के विरोध के कारण निर्माण कार्य प्रभावित भी हो रहा है।
अभी कैसा है रेल रूट
वर्तमान में इंदौर से भोपाल और जबलपुर जाने वाली ट्रेनों को उज्जैन, सीहोर और संत हिरदाराम नगर होकर गुजरना पड़ता है। इससे दूरी बढ़ने के साथ ट्रेनों को भारी ट्रैफिक का सामना भी करना पड़ता है।
नई रेल लाइन से क्या होगा फायदा
- इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन करीब 204 किलोमीटर लंबी होगी
- इंदौर सीधे भोपाल-जबलपुर मुख्य रेल मार्ग से जुड़ जाएगा
- यात्रा दूरी लगभग 45 किलोमीटर तक कम होगी
- यात्रियों का करीब 2 घंटे का समय बचेगा
- मांगलिया बड़ा बिजनेस और लॉजिस्टिक हब बनेगा
- ग्रामीण इलाकों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी
- व्यापार और माल परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी








