25 मई से शुरू होगा नौतपा: जानिए क्यों बढ़ जाती है भीषण गर्मी और क्या है इसका धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व

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मई की शुरुआत के साथ ही देशभर में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और लोगों को तेज धूप व लू का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच अब नौतपा की शुरुआत भी होने जा रही है, जिसे साल के सबसे गर्म दिनों में गिना जाता है। ज्योतिष और मौसम विज्ञान दोनों ही दृष्टि से नौतपा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं, जिससे गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है।

क्या होता है नौतपा?

हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है। सूर्य लगभग 15 दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं, लेकिन शुरुआती 9 दिनों को विशेष रूप से “नौतपा” कहा जाता है। इन दिनों में तेज धूप, गर्म हवाएं और हीटवेव जैसी परिस्थितियां देखने को मिलती हैं।

धार्मिक मान्यता है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, आने वाले मानसून में उतनी ही अच्छी बारिश होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी इससे जुड़ी कहावत काफी प्रचलित है— “तपै नवतपा नव दिन जोय, तौ पुन बरखा पूरन होय” अर्थात नौतपा के नौ दिन जितने अधिक तपेंगे, वर्षा उतनी ही अच्छी होगी।

कब से शुरू होगा नौतपा 2026?

ज्योतिष गणना के अनुसार वर्ष 2026 में नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी और यह 2 जून तक चलेगा। इस दौरान सूर्य वृषभ राशि में रहते हुए रोहिणी नक्षत्र में भ्रमण करेंगे। इसके बाद सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ नौतपा समाप्त माना जाएगा।

क्यों बढ़ जाती है गर्मी?

नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर अधिक सीधी पड़ती हैं। इसी कारण तापमान तेजी से बढ़ता है और वातावरण में गर्मी अधिक महसूस होती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस समय उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में हीटवेव चलने की संभावना रहती है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

खेती और मानसून से जुड़ा है खास संबंध

कृषि के लिहाज से भी नौतपा को काफी अहम माना जाता है। माना जाता है कि यदि नौतपा के दौरान मौसम शुष्क और गर्म रहे तो मानसून अच्छा आता है। वहीं इन दिनों अधिक बारिश होना मौसम चक्र के लिए शुभ संकेत नहीं माना जाता। किसान भी इस अवधि को आने वाले मौसम का संकेत मानते हैं।

नौतपा के दौरान रखें ये सावधानियां

  • दोपहर के समय बिना जरूरी काम के बाहर निकलने से बचें।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें और अधिक मात्रा में पानी पिएं।
  • नारियल पानी, छाछ, दही, बेल का शरबत और मौसमी फल का सेवन करें।
  • हल्के और सूती कपड़े पहनें।
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
  • धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें।

सूर्यदेव को प्रसन्न करने के धार्मिक उपाय

नौतपा के दौरान सूर्य पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इन दिनों सूर्यदेव की आराधना करने से सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य लाभ मिलता है।

  • सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें।
  • आदित्य हृदय स्तोत्र और सूर्य गायत्री मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंदों को पानी, गुड़, गेहूं, घी और लाल वस्त्र का दान करें।
  • नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करना भी लाभकारी माना जाता है।

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