सनातन धर्म में 🌿 अधिकमास को बेहद पवित्र और पुण्यदायी महीना माना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास और मलमास के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना भगवान 🪔 विष्णु को समर्पित होता है। इस दौरान पूजा-पाठ, दान और भक्ति करने से कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है।
📅 साल 2026 में अधिकमास की शुरुआत 17 मई से हो रही है, जो 15 जून तक चलेगा। पूरे एक महीने तक कई शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस समय कुछ काम करने से अशुभ प्रभाव पड़ सकता है।
🚫 अधिकमास में भूलकर भी न करें ये 6 काम
💍 1. मांगलिक कार्यों से बनाएं दूरी
अधिकमास में विवाह, सगाई, मुंडन, उपनयन संस्कार और अन्य शुभ कार्य करना उचित नहीं माना जाता।
📿 मान्यता है कि इस दौरान किए गए मांगलिक कार्यों का शुभ फल नहीं मिलता।
🏢 2. नया बिजनेस शुरू करने से बचें
यदि आप नया व्यापार, दुकान या कोई बड़ा काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार करना बेहतर माना जाता है।
📉 धार्मिक मान्यता के अनुसार इस समय शुरू किए गए कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं।
🏠 3. गृह प्रवेश और मकान निर्माण न करें
अधिकमास में नए घर की नींव रखना, गृह प्रवेश करना या निर्माण कार्य शुरू करना शुभ नहीं माना जाता।
🏡 कहा जाता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।
🍗 4. तामसिक भोजन का सेवन न करें
इस पूरे महीने में सात्विक जीवन अपनाने की सलाह दी जाती है।
❌ मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज और अन्य तामसिक चीजों से दूरी बनानी चाहिए।
🥗 सात्विक भोजन और संयमित दिनचर्या को पुण्यदायी माना गया है।
🛍️ 5. महंगी खरीदारी करने से बचें
🚗 नई गाड़ी, 🪙 सोना, 🏞️ जमीन या अन्य बड़ी खरीदारी इस महीने में शुभ नहीं मानी जाती।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
😠 6. क्रोध, झूठ और अपमान से बचें
अधिकमास में मन और वाणी को शांत रखने का विशेष महत्व बताया गया है।
⚠️ झूठ बोलना, गुस्सा करना या किसी का अपमान करना पुण्य को नष्ट करने वाला माना गया है।
🌺 अधिकमास में क्या करना होता है शुभ?
✅ भगवान विष्णु की पूजा
✅ मंत्र जाप और भजन-कीर्तन
✅ दान-पुण्य और गरीबों की सहायता
✅ गीता, रामायण और विष्णु सहस्रनाम का पाठ
✅ सात्विक भोजन और संयमित जीवन
📿 मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में किए गए अच्छे कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है।








