दिल्ली से 27 दिनों में 807 लोग लापता, राजधानी का ये हाल तो देशभर के आंकड़े क्या होंगे? रिपोर्ट चिंताजनक।

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नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में नए वर्ष 2026 के पहले 27 दिनों में 807 लोग लापता होने की रिपोर्ट ने देशभर में लोगों की नींद उड़ा दी है, जिनमें 137 बच्चे शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में नाबालिग, खासकर किशोरियां अब भी अनट्रेस्ड हैं। जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। हालांकि 807 में से 235 लोगों को पुलिस ने ट्रेस कर लिया। लेकिन 538 की तलाश अब भी जारी है। यानी नए साल के पहले महीने में हर दिन 27 लोग गायब होते गए। हालांकि हर दिन करीब 9 लोगों को ट्रेस भी किया गया।

लापता हुए लोगों में सबसे ज्यादा महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं। असल में दिल्ली में लापता मामलों का यह सिलसिला नया नहीं है। बीते वर्षों के ज़िपनेट (Zonal Integrated Police Network) जैसे पुलिस डेटाबेस के आंकड़े बताते हैं कि 2015 से 2025 तक हजारों लोग लापता दर्ज हुए हैं और उनमें से कई का आज भी पता नहीं चला है।

दिल्ली पुलिस में दर्ज मामलों में यह बात सामने आई है कि नाबालिगों में किशोरियों (12-18 वर्ष) का अनुपात बहुत अधिक होता जा रहा है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो जाती है कि ये केवल रोज़-मर्रा के खो जाने के मामले ही नहीं, कुछ मामलों में अपहरण या अन्य अपराधी गतिविधियों का भी खतरा हो सकता है। देश की राजधानी में रोज़ाना 27 से ऊपर लोगों का लापता होना न सिर्फ चिंताजनक है, बल्कि ये सोचने के लिए मजबूर करता है कि आखिर ये लोग ऐसे कहां गायब हो जाते हैं, जिन्हें पुलिस नही ढूंढ पाती। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के शुरुआती 27 दिनों में 807 लोग लापता दर्ज किए गए, जिनमें से 235 लोगों को ट्रेस कर लिया गया, जबकि 572 अब भी अनट्रेस्ड हैं।

वयस्कों के मामलों में 616 लोग लापता हुए, जिनमें 181 का पता चला (90 पुरुष और 91 महिलाएं), जबकि 435 वयस्क अभी भी लापता हैं. वहीं, नाबालिगों के 191 मामले सामने आए, जिनमें से 48 बच्चों को ट्रेस किया गया (29 लड़कियां और 19 लड़के), जबकि 137 नाबालिग अब तक नहीं मिले।

लेकिन पिछले 11 सालों की अगर हम बात करें तो आंकड़े डराने वाले हैं. राजधानी दिल्ली से पिछले 11 साल में 5559 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें से 695 बच्चों का कोई सुराग नही मिला. दिल्ली पुलिस के डेटा के मुताबिक, 2026 में पहले 27 दिनों में 8 साल टीम के कुल 9 बच्चे गायब हुए जिनमे 6 लड़के थे। जिनमें से 3 लड़कों को अब तक ट्रेस किया जा चुका है. जबकि बाकि 6 की तलाश जारी है।

जबकि साल 2025 में 8 साल तक के कुल 368 बच्चे लापता हुए थे, जिनमें से 149 ट्रेस कर लिए गए जबकि 219 का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. साल बदलते जाते हैं लेकिन आंकड़े कमोबेश यही रहते हैं। सवाल ये है कि जिन बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलता, उनके साथ क्या हुआ? इसका जवाब किसी के पास नहीं. अगर हम बात 8 से 12 साल के बच्चों की करें तो 2026 के पहले 27 दिनों में कुल 13 बच्चे लापता हुए जिनमें से सिर्फ तीन को ट्रेस किया जा सका. जबकि 10 बच्चों का सुराग नहीं मिला है।

जबकि 12 से 18 साल के कुल 169 बच्चे शुरुआती 27 दिन में लापता हो गए, जिनमें से 48 ट्रेस कर लिए गए. जबकि 121 अभी भी लापता हैं। यानी शुरू के 27 दिन में 0 से 18 साल के कुल 137 बच्चे अभी भी लापता हैं. साल 2025 में 0 से 18 साल के 5915 बच्चे गायब हुए थे. जिनमें से 4424 को ट्रेस किया गया था और 1491 लापता हैं।

साल 2016 से 2026 के बीच 60694 बच्चे लापता हुए, जिनकी उतर 18 साल तक कि थी, इनमें से 53763 ट्रेस कर लिए गए जबकि 6931 का कोई सुराग नहीं मिला. यानी गायब होने वाले बच्चों में से 11 प्रतिशत बच्चे अनट्रेस रह जाते हैं।

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