
नागपुर। हजरत बाबा ताजुद्दीन औलिया का 104वां सालाना उर्स 8 से 19 जुलाई तक नागपुर स्थित दरगाह परिसर में आयोजित होगा। 12 दिवसीय इस आध्यात्मिक आयोजन में देश-विदेश से लगभग 25 लाख जायरीन के शामिल होने की संभावना है। उर्स के मद्देनज़र दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस उर्स में धार्मिक सभाएं, अंतरराष्ट्रीय कव्वाली, मिलाद शरीफ, सूफी सम्मेलन, आध्यात्मिक प्रवचन और पारंपरिक रस्में आयोजित की जाएंगी। उर्स का शुभारंभ 8 जुलाई को सुबह 9 बजे परचम कुशाई (ध्वजारोहण) के साथ होगा, जबकि शाम को अंतरराष्ट्रीय सूफी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

ट्रस्ट अध्यक्ष प्यारे खान ने बताया कि उर्स के दौरान श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क लंगर संचालित किए जाएंगे, वहीं सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आंतरिक संचार व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। ट्रस्ट की ओर से ‘पुलिस के लिए वन कॉल कनेक्शन’ नामक विशेष मोबाइल एप और एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष भी शुरू किया जा रहा है, जिससे भारी भीड़ के दौरान पुलिस और आयोजकों के बीच निर्बाध समन्वय बना रहेगा।
देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी जायरीन नागपुर पहुंच रहे हैं। आंध्र प्रदेश के जाम्पानी जिले से आए अता मोहम्मद निज़ाम बाबा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी वे श्रद्धालुओं के लिए राशन लेकर आए हैं और उनके साथ आंध्र प्रदेश से लगभग एक हजार जायरीन तथा अमेरिका से उनके परिजन भी उर्स में शामिल होंगे।
उर्स की तैयारियों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री तथा नागपुर के सांसद नितिन गडकरी ने बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने जायरीन की सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक इंतजामों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान ट्रस्ट पदाधिकारियों ने उन्हें तैयारियों से अवगत कराया। श्री गडकरी ने अधिकारियों और ट्रस्ट के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं समय पर और सुचारु रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
मध्य भारत के सबसे बड़े सूफी धार्मिक आयोजनों में शामिल यह उर्स हर वर्ष सभी धर्मों के लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जो हजरत बाबा ताजुद्दीन औलिया की दरगाह पर हाजिरी देकर अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश ग्रहण करते हैं।









