अनूपपुर: मप्र.- आज प्रदेश के नेता प्रतिपक्षउमंग सिंघार एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल अमरकंटक में आयोजित गोंडवाना गुरु दद्दा परम श्रद्धेय दुर्गे भगत जगत जी एवं गुरुदाई दुर्गेदुलेश्वरी जी के सानिध्य में आयोजित घूर/रंगपंचमी (सृष्टि दिवस) कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। आयोजन में परंपरागत रूप से उमंग सिंघार का स्वागत सम्मान किया। इस अवसर पर विधायकगण ओमकार मरकाम, फुंदेलाल मार्को, नारायण सिंह पट्टा, चैन सिंह वरकड़े सहित कई नेतागण उपस्थित रहे। आपको बता दे कि अमरकंटक, प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित एक पवित्र तीर्थ स्थल और महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, जो विंध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के मिलन स्थल (मैकाल पहाड़ियों) पर स्थित होकर माँ नर्मदा, सोन और जोहिला नदी का उद्गम स्थल है, जिसे ‘तीर्थराज’ भी कहा जाता है। यहाँ का नर्मदा कुंड, कपिलधारा झरना और प्राचीन मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं।

आयोजन में सभा को संबोधित करने के दौरान नेताप्रतिपक्ष ने आदिवासी समाज के लिए जोर देते हुए प्रदेश ओर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है, कहा कि ये ज़मीन, ये जंगल इन पर पहला अधिकार आदिवासियों का है। ये हमारे पूर्वजों की विरासत है, हमारी पहचान और हमारी संपदा है। लेकिन आज इन्हीं अधिकारों को छीनकर, हमारी ज़मीन और जंगलों को मुनाफ़े के लिए व्यापारियों के हवाले किया जा रहा है जो न केवल अन्याय है, बल्कि आदिवासी अस्मिता पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि आज यह जोश, यह उमंग, ढोल की थाप पर झूमते प्रकृति के रक्षक और पारंपरिक वेशभूषा में सजी मुस्कानें यह सब हमारी आदिवासी अस्मिता, एकता और गौरव की जीवंत पहचान है। हमारी परंपराएँ, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिकता की भावना ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमें ये गर्व से कहना चाहिए कि हम आदिवासी हैं।









