होली पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव: क्या होगा पर्व पर असर?

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हर साल फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन की परंपरा होती है, जिसके अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। इस साल 13 मार्च 2025 को होलिका दहन होगा और 14 मार्च को रंगों से भरी होली मनाई जाएगी। इस दिन लोग रिश्तों में सौहार्द और एकता बढ़ाने के लिए एक दूसरे से गिले-शिकवे दूर करते हैं। हालांकि, इस बार होली पर चंद्र ग्रहण का असर भी होगा, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसका पर्व पर कोई प्रभाव पड़ेगा।

चंद्र ग्रहण का समय और स्थान

14 मार्च 2025 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा, जो सुबह 9:29 बजे से लेकर दोपहर 3:29 बजे तक रहेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि यह दिन के समय होगा, जब चंद्रमा आकाश में दृष्टिगोचर नहीं होगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अफ्रीका, प्रशांत और अटलांटिक महासागर, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पूर्वी एशिया, तथा अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा। इसके अलावा, चंद्र ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा क्योंकि यहां यह दिखाई नहीं देगा।

ज्योतिष में चंद्र ग्रहण के प्रभाव

ज्योतिषियों के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जहां पहले से केतु भी उपस्थित होंगे। इसके परिणामस्वरूप, ग्रहण योग बनेगा। इस स्थिति में विशेष रूप से मिथुन, सिंह, और तुला राशि के जातकों को करियर, व्यापार और नौकरी में चुनौतियों का सामना हो सकता है। उन्हें तनाव और कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

चंद्र ग्रहण की प्रकृति और उसका प्रभाव

चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी, और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आते हैं, जिससे पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यह खगोलीय घटना तीन प्रकार की होती है: आंशिक चंद्र ग्रहण, पूर्ण चंद्र ग्रहण और उपछाया चंद्र ग्रहण।

इस बार होने वाला चंद्र ग्रहण आंशिक हो सकता है, लेकिन भारत में इसका कोई दृश्यात्मक प्रभाव नहीं होगा।

इसलिए, होली पर ग्रहण का प्रभाव ज्यादातर व्यक्तिगत और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से ही महसूस किया जाएगा, जबकि सामान्य रूप से लोगों का उत्साह और उल्लास बरकरार रहेगा

Soniya upadhyay
Author: Soniya upadhyay

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