विरुपाक्ष महादेव मंदिर में खीर प्रसाद की दिव्य आस्था, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब, संतान सुख की कामना लेकर पहुंचीं हजारों महिलाएं

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विरुपाक्ष महादेव मंदिर में खीर प्रसाद की दिव्य आस्था, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब, संतान सुख की कामना लेकर पहुंचीं हजारों महिलाएं

बिलपांक/धराड़। मध्यप्रदेश के रतलाम से लगभग 18 किलोमीटर दूर ग्राम बिलपांक स्थित प्राचीन विरुपाक्ष महादेव मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मान्यता है कि यहां प्रतिवर्ष आयोजित 7 दिवसीय महारुद्र यज्ञ की पवित्र ज्वाला में तैयार की गई खीर प्रसादी ग्रहण करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। यज्ञ के दौरान विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ पंडितों द्वारा खीर को अभिमंत्रित किया जाता है। इसी विश्वास के साथ इस वर्ष 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने महादेव के दर्शन किए, जबकि 40 हजार से अधिक महिलाओं ने खीर प्रसादी ग्रहण की। मन्नत पूर्ण होने पर करीब 8 हजार से अधिक बच्चों को मंदिर परिसर में विभिन्न वस्तुओं से तुलादान किया गया।

महाशिवरात्रि के दूसरे दिन अमावस्या पर आयोजित इस विशेष अवसर पर मध्यप्रदेश सहित जम्मू-कश्मीर, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत आसपास के अंचलों से हजारों महिलाएं मंदिर पहुंचीं। महिलाओं को विशेष पंडाल में बैठाकर सुबह 11:30 बजे समिति सदस्यों द्वारा खीर प्रसाद वितरित किया गया। संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचीं महिलाओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रसादी ग्रहण की।

 

खीर प्रसादी की तैयारी विशेष विधि से की गई। सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक लगभग 150 सेवादारों ने प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभाली। महारुद्र यज्ञ और मेले के दौरान प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आसपास की 25 ग्राम पंचायतों के युवाओं ने व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दिया।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक सहभागिता और सामूहिक सेवा भावना का भी प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

 

 

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