युद्ध की विभीषिका की आहट

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युद्ध की विभीषिका की आहट

डॉ प्रदीपसिंह राव, (वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक)

ईरान युद्ध की भयावहता से घबराई दुनिया ने आग में घी डालने की जगह अब शांति के छींटे डालना शुरू कर दिया है। नाटो  देशों ने साफ कह दिया कि वो इस युद्ध में आगे नहीं आयेंगे।चीन ने सीधे बात करके युद्ध विराम की अपील की है।भारत ने शांति की अपील करते हुए मध्यपूर्व के देशों के राष्ट्रध्यक्षों से शांति और सुरक्षा की अपील करते हुए उस क्षेत्र में रह रहे लाखों भारतीयों की सलामती की चिंता व्यक्त की है।

  युद्ध जैसे जैसे विकराल रूप धारण कर रहा है,संयुक्त राष्ट्र संघ को भी चिंता हो रही है।उसने भी अपील की है कि आक्रामकता रोकी जाए और युद्ध से ही रहे वैश्विक आर्थिक नुकसान पर ध्यान दिया जाए।   यह सच है कि 13000 उड़ाने प्रभावित है।मध्यपूर्व के देशों के अमरीकी, इजरायली दूतावासों को खतरा बढ़ रहा है।

 

हम तो मरेंगे सनम तुझे भी  न बचने देंगे

ईरान ने ठान लिया है कि वो तो मरेगा लेकिन उसके दुश्मनों को भी मार कर मरेगा। ईरान ने अंडर ग्राउंड “हायपर सोनिक “मिज़ाइल से सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी को नष्ट किया है।रियाद के अमरीकी दूतावास और पड़ोसी देश बहरीन को भी भारी क्षति पहुंचाई है।अपनी कम कीमत की मिसाइल से और ड्रोन से ईरान ने यूएई में कई स्थानों को तबाह कर किया है।इजरायल को एक मिसाइल को एलिमिनेट  करने रोकने के लिए 8/8 डिफेंस  बेहद महंगे कवच खर्च करना पड़ रहे हैं।ईरान 14देशों में अमरीका के हर हथियार को  ढूंढ ढूंढ कर मार रहा है।ईरान के शाहिद ड्रोन की भारी शक्तिशाली क्षमता से तबाही मचा दी है।

जमीन भेदी महा बमों के हमले

ईरान में भी अमरीका के  B2 बॉम्बर्स से भयानक हमले  हो रहे हैं।200पौंड के  बम गिर रहे हैं।और  ईरान देश तबाह होता जा रहा है।   हजारों हमलों के  बीच यह तनाव कहीं परमाणु युद्ध में  न बदल जाए।अमेरिका के  पास 5428परमाणु बम हैं और इजरायल के  पास  90परमाणु बम है।क्रोध की हदें पूरे मध्य पूर्व को जमीदोज कर सकता है।इस बीच फ्रांस ने बोल दिया है कि वो परमाणु बम बनाएगा।2000पौंड के बॉम्ब अंडर ग्राउंड 200फिट अंदर तक मिसाईल  ठिकानों पर हमले हो रहे।इनमें से कोई भी यूरेनियम भंडार पर गिर गया तो कुछ ही क्षण में अब कुछ तबाह हो सकता है।

भीषण परिणाम की संभावना

प्रबल खुरासान  सहित 10/12गुप्त जमीनी  ठिकानों में ईरान की  खतरनाक मिसाइल रखी हैं।अमरीका B_41बॉम्बर्स विमान भी ला सकता है।यदि रूस,चीन,भारत और टर्की तत्काल प्रयास कर अमरीका,इजरायल को न समझा पाएंगे,और ईरान को बातचीत के लिए राजी न कर पाए तो भीषण परिणाम देखना मिल सकते हैं।

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