भोपाल में ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक, विकास योजनाओं को मिली हरी झंडी
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने हाल ही में अपनी कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। ये निर्णय प्रदेश के बुनियादी ढांचे, उद्योग, जल प्रबंधन, पर्यटन और स्टार्टअप सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेंगे। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। आइए जानते हैं बैठक में लिए गए अहम निर्णय:
1. ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना – जल संकट से मिलेगी राहत
प्रदेश में जल संकट को दूर करने के लिए सरकार ने ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 273 किमी लंबी नहर का निर्माण होगा, जिससे 11.76 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी भूमिगत जल को रिचार्ज करेगा। इससे बुरहानपुर और खंडवा जिले के 1.23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जल आपूर्ति होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
2. MSME उद्योगों को मिलेगा बूस्टर – निवेशकों के लिए बड़े फायदे
प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 40% तक अनुदान देने की घोषणा की है।
10 करोड़ से अधिक निवेश करने वालों को 1.3 गुना अनुदान मिलेगा।
अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्योगों को 48% – 52% तक अनुदान दिया जाएगा।
उद्योगों को अविकसित भूमि आवंटन नीति के तहत भूमि आवंटन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
3. मध्यप्रदेश में पहली ‘इलेक्ट्रिक सिटी’ – हर 20 किमी पर चार्जिंग स्टेशन
पर्यावरण संरक्षण और ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में मॉडल इलेक्ट्रिक सिटी बनाने का निर्णय लिया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर विशेष छूट:
दोपहिया: 40%, तीनपहिया: 80%, चारपहिया: 15%, बसें: 40%
प्रत्येक 20 किमी पर चार्जिंग स्टेशन, हाईवे पर हर 100 किमी पर फास्ट चार्जिंग स्टेशन
महिलाओं और दिव्यांगों द्वारा चार्जिंग स्टेशन लगाने पर विशेष अनुदान
4. स्टार्टअप्स को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म – मेगा इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना
प्रदेश में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मेगा इन्क्यूबेशन सेंटर खोलने का निर्णय लिया है।
अभी प्रदेश में 5,000 स्टार्टअप्स हैं, जिन्हें बढ़ाकर 10,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टार्टअप्स को ऋण सहायता, बाजार तक पहुंच, रोजगार सृजन सहयोग, कौशल विकास और नवाचार योजनाओं का लाभ मिलेगा।
स्टार्टअप सलाहकार परिषद की स्थापना की जाएगी।
5. इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति 2025 – किसान भी बना सकेंगे टाउनशिप
नई नीति के तहत अब बिल्डरों और कॉलोनाइजरों के अलावा किसान भी टाउनशिप बना सकेंगे।
1 एकड़ में भी टाउनशिप विकसित करने की अनुमति
किफायती आवास बनाने पर सरकार की तरफ से सब्सिडी
लैंड पुलिंग के माध्यम से सार्वजनिक और निजी भागीदारी को प्रोत्साहन
6. हर 150 किमी पर बनेगा एयरपोर्ट, 45 किमी पर हेलीपैड
मध्यप्रदेश में पर्यटन और धार्मिक स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए हर 150 किमी पर एक नया एयरपोर्ट और हर 45 किमी पर एक हेलीपैड बनाया जाएगा।इससे एयर कार्गो सुविधाओं, पायलट प्रशिक्षण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
7. भोपाल का लेक व्यू अशोका होटल पीपीपी मोड परभोपाल स्थित लेक व्यू अशोका होटल को जन-निजी भागीदारी (PPP) मोड पर विकसित किया जाएगा।इससे सरकार को हर साल 10 करोड़ रुपये की आय होगी।होटल को आधुनिक सुविधाओं और प्रदेश की कला एवं संस्कृति के प्रतीक के रूप में विकसित किया जाएगा।
मोहन सरकार की यह कैबिनेट बैठक प्रदेश के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जल संकट समाधान से लेकर उद्योग, स्टार्टअप, ई-मोबिलिटी और पर्यटन तक, हर क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की कोशिश की
