मनावर में शिक्षकों की विरोध रैली, राष्ट्रपति, राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

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मनावर : (मप्र.) मनावर में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर एक रैली निकाली। शनिवार शाम 4 बजे 500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने तहसील कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार विजय तलवारे को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने और संबंधित प्रावधानों में संशोधन अध्यादेश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद प्रदेश के कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू की जा रही है, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के समक्ष अस्थिरता और अन्याय की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

शिक्षकों ने तर्क दिया कि वर्षों के अनुभव और अनेकों प्रशिक्षण के आधार पर वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। वर्ष 2010 में लागू आरटीई एक्ट के अंतर्गत जोड़ी गई टीईटी की अनिवार्यता को पूर्व से कार्यरत शिक्षकों पर लागू करना न्यायोचित नहीं है।

संयुक्त मोर्चा ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों का अनुभव, स्थानीय भाषा और परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करने की क्षमता ही शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक ताकत है। वर्तमान परिस्थितियों में टीईटी अनिवार्यता से शिक्षकों के भविष्य पर संकट उत्पन्न हो रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होगी।

अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मांग की कि आरटीई एक्ट के संबंधित प्रावधानों में संशोधन किया जाए, ताकि कार्यरत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जा सके। उन्होंने केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर इस विषय में त्वरित राहत प्रदान करने का भी आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना कर टर्मिनल बेनिफिट्स के पूर्ण लाभ दिए जाने की भी मांग की गई।

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