फिजियोथेरेपी ग्रेजुएट रिधम पाठक ने दो वर्ष की मेहनत से तैयार की किताब ‘न्यूरो एसेंस’ , न्यूरो  छात्रों के लिए बनेगी मार्गदर्शक।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

इंदौर। रिधम पाठक, श्री अरविंदो संस्थान ऑफ एलाइड हेल्थ एंड पैरामेडिकल साइंसेज़ से फिजियोथेरेपी स्नातक हैं। पढ़ाई की शुरुआत में उन्हें फिजियोथेरेपी के व्यापक क्षेत्र का अंदाज़ा नहीं था, लेकिन विषयों और मरीजों के उपचार के अनुभव ने उनकी रुचि धीरे-धीरे गहरी कर दी।

तीसरे वर्ष में न्यूरो फिजियोथेरेपी और न्यूरोसर्जरी में फिजियोथेरेपी जैसे विषयों को पढ़ते हुए उनकी इन टॉपिक में विशेष दिलचस्पी बढ़ी। उन्होंने अपने हस्तनिर्मित चित्रों और छोटी-छोटी तरकीबों के साथ खुद के नोट्स बनाए, जिसके आधार पर उन्होंने तीसरे वर्ष में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसी ने उन्हें न्यूरो क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

पढ़ाई के दौरान उन्होंने महसूस किया कि न्यूरो फिजियोथेरेपी और न्यूरोसर्जरी के कई विषय आपस में जुड़े होने के बावजूद, छात्रों को अलग-अलग किताबें पढ़नी पड़ती हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए उन्होंने ऐसी पुस्तक लिखने का निश्चय किया जिसमें दोनों विषयों के महत्वपूर्ण पक्ष, न्यूरोसर्जिकल जानकारी, फिजियोथेरेपी मूल्यांकन और उपचार प्रोटोकॉल एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।

यही सोच ‘न्यूरो एसेंस’ पुस्तक का आधार बनी। इसे तैयार करने में रिधम को पूरे दो वर्ष लगे। उनकी सहेलियाँ रक्षिता गिरस्त और भूमिका शेखावत ने इसमें महत्वपूर्ण सहयोग दिया। सभी हस्तनिर्मित चित्र रक्षिता ने बनाए और दोनों ने पुस्तक के दो महत्वपूर्ण अध्याय भी लिखे।

इंटर्नशिप पूरी होने के बाद रिधम ने यह पुस्तक अमेज़न पर प्रकाशित की। उन्हें उम्मीद है कि यह पुस्तक फिजियोथेरेपी के छात्रों और न्यूरो क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए बुनियादी समझ मजबूत करने में बेहद उपयोगी साबित होगी।

और पढ़ें