धरमपुरी/धार – मप्र.- नगर के सरदार सरोवर बांध डूब क्षेत्र के प्रभावित परिवारों के लिए बनाए गए पुनर्वास स्थलों में जिन डूब प्रभावित परिवारों को भू-खण्ड के पट्टे आवंटित किए गए हैं। एसडीएम (भू अर्जन अधिकारी) प्रमोद गुर्जर की विशेष उपस्थिति में उनकी रजिस्ट्री का कार्य शनिवार को प्रारंभ किया गया। नगर की प्रथम रजिस्ट्री पुनर्वासित परिवार के रमेश अलावा पिता चिमन अलावा पुनर्वास स्थल खूंजावा भूखण्ड क्रमांक 72 की की गई।
शासन की ओर से सेलर के रूप में नायब तसीलदार कृष्णा पटेल उपस्थित रहे। रजिस्ट्री कार्य सब रजिस्ट्रार राजेश खोड़े द्वारा संपन्न कराया गया। इस अवसर पर तहसीलदार कुणाल आवासीया, नायब तहसीलदार कृष्णा पटेल, कार्यपालन यंत्री महेंद्र सिंह मंडलोई, उपपंजीयक राजेश खोड़े, सर्विस प्रोवाइडर मूसा खान, हिमांशु सांवले, राजस्व निरीक्षक भुर्जन कार्यालय मनावर रामसिंह चौहान आदि उपस्थित थे।
आपको बता दे कि उच्च न्यायालय ने पूर्व में आदेशित किया था कि यह रजिस्ट्री के कार्य को जल्द पूरा किया जाए। जिसके पालन में प्रशासन ने सर्वे का कार्य पूरा करते हुए रजिस्ट्री के कार्य को शुरू कर दिया है। विगत दिनों में संभागायुक्त डॉ सुदामा पी खाड़े द्वारा धरमपुरी का दौरा किया गया था जिसमें उन्होंने व्यवस्थाएं दुरुस्त करते हुए विधिवत रजिस्ट्री के कार्य को शुरू करने के निर्देश दिए थे। मनावर एसडीएम प्रमोद गुर्जर (भू अर्जन अधिकारी) की मार्गदर्शन के पुनर्वास के भूखंडों की रजिस्ट्री की जा रही है।
कई प्रकरणों में आयेगी समस्या
फिलहाल राजस्व विभाग द्वारा उन भूखंड की रजिस्ट्री कराई जा रही है जिनके भूखंड स्वामी जीवित होकर अपने भूखंड पर काबिज है और दस्तावेज सुरक्षित है। लेकिन पुनर्वास के कई भूखंडों के मामले ऐसे भी है जिसमें भूखंड स्वामी ने अपने भूखंड नोटरी स्टैंप के आधार पर लोगों को विक्रय कर दिए हैं। साथ ही ऐसे प्रकरण भी शामिल है जिसमें एक ही क्रमांक भूखंड दो-दो व्यक्तियों को आवंटित कर दिए गए है।
दस्तावेज जुटाने के लिए शिविर का आयोजन
बताया गया कि नगर परिषद धरमपुरी में 16 तारीख से 25 तारीख तक समस्त पुनर्वास प्रभावित परिवारों की समस्या और दस्तावेज जुटाने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है। साथ ही मृत भूखंड स्वामी के वारिसों के नाम दर्ज करने और वास्तविक स्थिति जानने के लिए क्षेत्रीय पटवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।









