गुड़ी पड़वा 2025: महाकाल मंदिर में विशेष पूजा और भोग का आयोजन, नीम जल से होगा अभिषेक

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चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सनातन धर्म में सृष्टि के आरंभ का दिन माना जाता है, और इस दिन से हिन्दू नववर्ष की शुरुआत होती है। देशभर में इस दिन को बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है, और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं।

वर्ष 2025 में 30 मार्च को गुड़ी पड़वा के अवसर पर उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में हिन्दू नववर्ष का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन भगवान महाकाल को विशेष रूप से श्रीखंड और पूरनपोली का भोग अर्पित किया जाएगा। मंदिर के शिखर पर ध्वज चढ़ाया जाएगा और नैवेद्य कक्ष में गुड़ी आरोहण होगा। इसके साथ ही नए पंचांग का पूजन भी किया जाएगा, जो महाराष्ट्रीयन परंपरा के अनुसार किया जाएगा।

इस दिन सुबह 7:30 बजे बालभोग आरती होगी, इसके बाद 10:30 बजे भोग आरती में भगवान महाकाल को केसरिया श्रीखंड और पूरनपोली का भोग अर्पित किया जाएगा। विशेष पूजा में भगवान महाकाल का अभिषेक नीम मिश्रित जल से किया जाएगा, जो धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप है।

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ ही नवसंवत्सर की शुरुआत होती है, और इस दिन को खास बनाते हुए उज्जैन के लोग सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य अर्पित करेंगे। यह आयोजन सुबह 6:27 बजे दत्तअखाड़ा और रामघाट पर होगा, जहां शंख, घंड़े और घड़ियाल की मंगल ध्वनि के साथ अर्घ्य अर्पित किया जाएगा।

नवसंवत्सर के इस पावन अवसर पर, उज्जैन में विशेष धार्मिक उत्सव और पूजा अनुष्ठान होंगे।

Soniya upadhyay
Author: Soniya upadhyay

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