उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विकास को रफ्तार देने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का ऐलान किया है। इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद मेरठ से प्रयागराज की दूरी महज 7 घंटों में पूरी की जा सकेगी, जो पहले 12 घंटे से ज्यादा लेती थी।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर हापुड़, संभल, अमरोहा, बुलंदशहर, बदायूं, रायबरेली, हरदोई और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज पहुंचेगा। इस एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जो यात्रियों को तेज और सुरक्षित सफर प्रदान करेगी।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा नया आयाम:
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि मेरठ, अलीगढ़ और बुलंदशहर जैसे शहरों में पर्यटन और व्यापार को भी नया आयाम मिलेगा। खासतौर पर मेरठ, जो महाभारत और रामायण कालीन धरोहरों का गढ़ है, अब पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ होगा।
हरिद्वार से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे:
सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार की योजना भी बनाई है, जिसके तहत इसे हरिद्वार से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है, जिससे श्रद्धालु हरिद्वार और प्रयागराज दोनों तीर्थ स्थलों की यात्रा आसानी से कर सकेंगे।
औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा:
इस परियोजना के तहत इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की भी योजना है। जापान के प्रतिनिधिमंडल ने इसके लिए क्षेत्र का दौरा किया है, जिससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
