
मनावर : (शाहनवाज शेख) मानव जीवन, पशु-पक्षियों एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुके प्रतिबंधित चाइनीज डोर (नायलॉन मांझा) के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस ने राज्यव्यापी स्तर पर कमर कस ली है। शासन द्वारा पूर्णतः प्रतिबंधित इस चाइनीज़ मांझे के उन्मूलन के लिये पुलिस द्वारा एक समन्वित और बहुस्तरीय रणनीति अपनाई गई है। इस कार्यवाही में पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत न केवल अवैध मांझे की जब्ती की जा रही है, बल्कि इसकी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए स्रोतों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस टीमें नियमित रूप से बाजारों, दुकानों, वाहनों और संदिग्ध स्थानों की निगरानी कर रही हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल वैधानिक कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता के माध्यम से इसे जड़ से समाप्त करना है।
मनावर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह चौहान द्वारा आज नगर की पतंग ओर डोर बेचने वाली विभिन्न दुकानों का निरीक्षण किया, थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों के साथ दुकानों पर बेचे जाने वाले डोर को जांच की, इस दौरान गांधी नगर, मेन बाजार था अन्य गली मोहल्लों में भी सर्च ऑपरेशन किया। जिससे कि प्रतिबंध मांझे की खरीदी बिक्री पर पूरी रोक लगाई जा सके और लोगों को दुर्घटना का शिकार होने से रोक जा सके
आमतौर पर पतंग उड़ाने के लिए सूती और चाइनीज मांझा इस्तेमाल किया जाता है। सूती मांझे की अपेक्षा चाइनीज मांझा ज्यादा खतरनाक होता है और यह नायलॉन का होता है। इस मांझे पर कांच या फिर मैटेलिक पाउडर की धार लगाई जाती है, इसीलिए यह ज्यादा खतरनाक होता है। चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की अपेक्षा गई गुना ज्यादा धारदार होता है। अगर गलती से यह बिजली के तार के संपर्क में आता है तो इसमें करंट आने की संभावना होती है। जिन लोगों में पतंग उड़ाने का बहुत शौक होता है, वे चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करते हैं। लोगों में दूसरों की पतंग काटने की होड़ मची रहती है, ऐसे में सूत का मांझा कमजोर होता है और वह पतंग नहीं काट पाता है, जबकि चाइनीज मांझा बहुत मजबूत होता है और आसानी से नहीं टूटता है। इसके अलावा लोग चाइनीज मांझे को सस्ता होने की वजह से भी खरीद लेते हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिव्युनल ने साल 2017 से देशभर में नायलॉन या फिर चाइनीज मांझे की खरीद, बिक्री, स्टोरेज और पाबंदी लगा रखी है। इसके बावजूद लोग इसे खरीदते और बेचते हैं। अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत पांच साल की सजा और 1 लाख तक का जुर्माना लग सकता है। चाइनीज मांझा खरीदकर पतंग उड़ाने और बेचने के मामलों में पुलिस आरोपी को सीधे घर से भी उठा सकती है। उनको थाने लेकर पूछताछ की जाती है और फिर कोर्ट में पेश किया जाता है। ऐसे मामलों में कई बार जमानत भी नहीं मिलती है और कुछ मामलों में बेचने वालों की दुकान को भी सील कर दिया जाता है अगर वह मांझा किसी की मौत का कारण बना तो सजा गंभीर हो सकती है।
थाना प्रभारी ने कहा…
“चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। छापेमारी के साथ ही सप्लाई चेन तोड़ने और आमजन को जागरुक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही मांझा बेचने और इस्तेमाल करने वालों पर भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।”









