एमपी में फैल रहा गुइलैन-बैरे सिंड्रोम, मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का कारण

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एमपी के इंदौर में गुइलैन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barré Syndrome) के लक्षण वाले मरीज सामने आ रहे हैं, जो शरीर के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाली दुर्लभ बीमारी है। डॉक्टर्स के अनुसार, यह बीमारी शरीर के इम्यून सिस्टम के कारण होती है, जो अपनी ही तंत्रिका कोशिकाओं पर हमला कर देता है। इसका असर मांसपेशियों में कमजोरी, सुन्न होना और कभी-कभी लकवा जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

पिछले कुछ माह से एमवायएच की मेडिसिन विभाग में इस बीमारी के लक्षण वाले मरीज बढ़ते जा रहे हैं, और इनमें से कुछ मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर वेंटिलेटर तक पर रखा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि यह बीमारी बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है और एक दूसरे में नहीं फैलती। यह बीमारी अक्सर वायरल बुखार, लू, या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन के बाद विकसित होती है।

गुइलैन-बैरे सिंड्रोम की शुरुआत आमतौर पर पैर की कमजोरी से होती है, जो धीरे-धीरे हाथों तक फैल सकती है और श्वास लेने में भी समस्या पैदा कर सकती है। यदि लापरवाही बरती जाए तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है।

डॉक्टर्स के अनुसार, ठंड और गर्मी के मौसम में और वायरल बुखार के बढ़ने के दौरान इसके केस बढ़ रहे हैं। हालांकि, समय पर इलाज और प्लाज्मा एक्सचेंज थेरेपी से मरीजों को गंभीर हालत से बचाया जा रहा है।

Soniya upadhyay
Author: Soniya upadhyay

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