घटना का खुलासा
इंदौर के खजराना बायपास इलाके में पुलिस इंस्पेक्टर प्रभात नारायण चतुर्वेदी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उनका खून से लथपथ शव पत्थरों से कुचलकर फेंका गया पाया गया। शव 24 जनवरी की सुबह एक गार्डन के पास मिला। पुलिस ने पहले इसे अज्ञात व्यक्ति का मामला समझकर जांच शुरू की, लेकिन 25 जनवरी को पहचान की पुष्टि हुई कि यह शव पीआरटीएस (पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल) के इंस्पेक्टर चतुर्वेदी का है।
परिजनों और पुलिस की जानकारी
शिनाख्त: सोमवार को इंस्पेक्टर चतुर्वेदी के परिजन उनकी गुमशुदगी दर्ज कराने विजय नगर थाने पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें लावारिस शव की सूचना दी। पोस्टमार्टम भवन में परिजनों ने शव की पहचान की।संदेह: परिवार ने बताया कि इंस्पेक्टर 22 जनवरी को ड्यूटी पर आए थे, लेकिन उसके बाद से लापता थे। वे घर से 50 हजार रुपए लेकर निकले थे।
आशंका: शुरुआती जांच से प्रतीत होता है कि उनकी हत्या तत्कालिक विवाद के चलते की गई।
सीसीटीवी और ऑटो रिक्शा पर जांच
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में पुलिस ने सुबह करीब 4 बजे एक ऑटो रिक्शा को गुजरते हुए देखा। पुलिस अब उसी ऑटो रिक्शा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर रही है।
व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी
इंस्पेक्टर चतुर्वेदी की पत्नी मत्स्य पालन विभाग में सेकंड ग्रेड अधिकारी हैं।उनके दो बेटे हैं:
1. एक यूपीएससी की तैयारी कर रहा है।
2. दूसरा विजय नगर इलाके में होटल का संचालन करता है।
जानकारी के अनुसार, चतुर्वेदी अत्यधिक शराब पीने के आदी थे और कुछ व्यक्तिगत समस्याओं के चलते ड्यूटी से कई बार गैरहाजिर रहे।
पुलिस का बयान और निष्कर्ष
डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि हत्या का कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन जिस क्रूरता से अपराध हुआ है, उससे यह निजी रंजिश या विवाद का मामला प्रतीत होता है। पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।यह घटना न केवल एक बड़े अधिकारी की हत्या का मामला है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।